तत्कालिक सहायता राशि 25000 बलरामपुर रेंजर देवकुमार यादव के द्वारा प्रदान किया गया ।
अफताब आलम
बलरामपुर/ बलरामपुर वनमंडल में वन्यप्राणियों और मानव के बीच द्वंद निरन्तर जारी है। वन क्षेत्र में जैविक दबाव बढ़ने के कारण जंगली जानवरों का ग्रामीण क्षेत्रो में प्रवेश एवं हमला करने की घटनाये प्रायः सामने आते रहती है। जंगली हाथियों के प्रवास से जहाँ राजपुर और रामानुजगंज रेंज का पूरा वन अमला ग्रामीणों की सुरक्षा में दिन रात डटा हुआ है, वहीं बलरामपुर रेंज में ग्रामीण की जंगली सूअर के हमले से मौत की घटना सामने आई है।
बलरामपुर रेंज में कुछ वर्ष पहले भी जंगली हाथी एवं जंगली भालू के द्वारा जनहानि की घटनाएं हुई हैं, लेकिन जंगली सूअर द्वारा जनहानि क्षेत्र में चिन्ता का विषय बना हुआ है।
दीपावली से एक दिन पहले ग्राम भनौरा बलरामपुर निवासी चलित्तर उराँव पिता बैसाखू उम्र 36 वर्ष, ग्राम जौराही से लगे जंगल मे गया हुआ था। इसी दौरान उसका जंगली सूअर से आमना सामना हो गया। जंगली सूअर ने अचानक हमला करके उसे लहूलुहान कर दिया। घातक चोट लगने से अधिक रक्तस्राव के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पाकर रेंजर देवकुमार यादव वन अमले के साथ मौके पर गये एवं पुलिस बल के साथ मौका पंचनामा कर शव को बलरामपुर लाकर पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया गया।
वन विभाग की तरफ से मृतक की पत्नी ललिता को तत्कालिक सहायता राशि 25000 रेंजर देवकुमार यादव के द्वारा प्रदान किया गया है।
वन्यप्राणी क्षतिपूर्ति प्रकरण दर्ज कर मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही की जा रही है।
मुआवजा राशि देने रेंजर यादव के साथ रमेश तिवारी सहित वन कर्मचारी मौजूद थे |

