नई दिल्ली: CBI और ED की टीमों ने बुधवार को देश में एक ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए करीब 22 ठिकानों पर दबिश दी है। CBI की टीमों ने बिहार में राजद के 5 नेताओं के घर छापा मारा। इनमें 2 राज्यसभा सांसदों के अलावा पूर्व विधायक और राजद के फाइनेंसर अबु दोजाना भी शामिल हैं। इनके अलावा लालू यादव के करीबी और बालू माफिया सुभाष यादव के घर भी छापा मारा गया है। यह मामला जमीन के बदले रेलवे में रोजगार घोटाले से जुड़ा है। राजद ने बिहार में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले पड़े इन छापों को बदले की कार्रवाई बताया है।
उधर, ED ने खनन घोटाले में एक्शन लिया है। झारखंड में रांची, दिल्ली और तमिलनाडु में 17 जगहों पर ED की रेड जारी है। झारखंड के CM हेमंत सोरेन के करीबी रहे प्रेम प्रकाश के रांची स्थित ठिकानों पर ED छानबीन कर रही है।
CBI की टीम सुबह 8 बजे अबु दोजाना, RJD के राज्यसभा सांसद अशफाक करीम, राज्यसभा सांसद फैयाज अहमद और RJD के कोषाध्यक्ष और MLC सुनील सिंह के घर पहुंची। छापे के दौरान सुनील सिंह अपने घर की बालकनी में नजर आए। सुनील और उनकी पत्नी ने छापों को बदले की कार्रवाई बताया है। सुनील सिंह ने कहा कि मुझे बाहर कर दिया है और मेरे घर में घुस गए। उधर, अबु दोजाना के ठिकाने पर भी अभी छानबीन जारी है। दोजाना की कंपनी उस मॉल का कंस्ट्रक्शन कर रही है, जिसे तेजस्वी यादव का बताया जा रहा है।
लालू की बेटी भड़कीं
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ने CBI की कार्रवाई पर भाजपा का नाम लिए बगैर कहा- ये बलात्कारी पार्टी है। फ्लोर टेस्ट के पहले ही नीचता पर आ गई है। अपने पोसुआ (पालूत जानवर) को डराने के लिए भेजा है। राजद ने कहा कि बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले केंद्र सरकार ये सारे छापे जानबूझकर करवा रही है। ये सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है। हम बिहारी हैं। टिकाऊ हैं, बिकाऊ नहीं।
बता दें कि साल 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे में बड़े पैमाने पर भर्तियां हुईं। रेलवे में ग्रुप डी में नौकरी के बदले आवेदकों ने जमीन और प्लॉट की रिश्वत दी। लालू के परिवार के सदस्यों को जमीन कौड़ियों के भाव बेची गई या फिर गिफ्ट में दी गई थी। इस मामले में सीबीआई ने 18 मई को लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआई दर्ज की। इसके बाद एक साथ 17 ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की थी। राबड़ी आवास पर छापेमारी में तेजस्वी यादव के कमरे से कई दस्तावेज सामने आने की बात कही गई थी। इस छापेमारी के बाद ही लालू यादव के सबसे करीबी माने जाने भोला यादव को गिरफ्तारी किया था। भोला यादव से पूछताछ के बाद सीबीआई की यह कार्रवाई शुरू हो रही है।