प्रशासन ने दिए घटना की जांच के आदेश
मथुरा-वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी की मंगला आरती का साक्षी बनने की इच्छा लेकर भक्त मंदिर तक पहुंचे थे लेकिन, भक्तों को पता भी न था कि वे आराध्य बांकेबिहारी के दरबार में खड़े हैं, वहां अगले पल किस हादसे से जूझेंगे इस बात की भनक तक न थी। भीड़ का दबाव था और उमस में घुटन महसूस जरूर हो रही थी कि अचानक एक भीड़ आई जो निकास द्वार की ओर बढ़ रहा था। आधा दर्जन लोग इस अफरा-तफरी में जमीन पर गिर गए और अन्य श्रद्धालु उन्हें रौंदते हुए निकास द्वार की ओर बढ़ते रहे। बीस मिनट के इस हालात ने दो लोगों की जान ले ली और करीब आधा दर्जन घायल हो गए।
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार हुआ। इस दौरान कपाट बंद थे। भक्त मंदिर के आंगन में इक_ा होते रहे। 1.45 बजे कपाट दोबारा खोले गए। इसके बाद 1.55 बजे मंगला आरती शुरू हुई। मंदिर के आंगन में एक साथ करीब 800 भक्त आ सकते हैं। अनुमान है कि यहां क्षमता से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए। भीड़ अधिक होने की वजह से कुछ श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा।
सांस लेने में दिक्कत होने के बाद नोएडा सेक्टर 99 की रहने वाली महिला निर्मला देवी और वृंदावन की भूलेराम कॉलोनी रुक्मणि विहार के रामप्रसाद विश्वकर्मा की सबसे पहले तबीयत बिगड़ी। रेस्क्यू टीम अस्पताल लेकर जा रही थी, मगर उन्होंने दम तोड़ दिया। राम प्रसाद मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले हैं। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
बांकेबिहारी मंदिर में हादसा.. दो की मौत,नहीं संभली भक्तों की भीड़

