रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के छात्रों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल प्रदेश में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम आदर्श महाविद्यालय शुरू किए जाएंगे। जिसके बाद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ में ही इंग्लिश माध्यम में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में चरणबद्ध रूप से स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम आदर्श महाविद्यालय प्रारंभ होंगे। प्रथम चरण में आगामी शैक्षणिक सत्र जून 2023 से राज्य के प्रमुख नगरों में कम से कम 10 इंग्लिश मीडियम कॉलेज खुलेंगे। आगामी तीन साल में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में इंग्लिश मीडियम कॉलेज प्रारंभ किए जाएंगे।
वर्तमान में राज्य में इंग्लिश मीडियम के शासकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए महानगरों के महाविद्यालय में प्रवेश लेना पड़ता है। महानगरों में प्रवेश लेने पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर बड़ा आर्थिक बोझ पढ़ता है। जिसमें बड़ी राशि व्यय होती है।
सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर लिखा – अब अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं। अपने बच्चों को खूब पढ़ाइए। अब स्कूल के बाद की शानदार पढ़ाई के लिए बच्चों को बाहर भेजने की आर्थिक परेशानी दूर होगी। छत्तीसगढ़ की शिक्षा क्रांति देश का सबसे अच्छा ‘एजुकेशन मॉडल’ आने वाले समय में प्रस्तुत करेगी।

