छत्तीसगढ़ रणजी टीम के कप्तान कप्तान हरप्रीत सिंह भाटिया पर सरकारी नौकरी हथियाने धोखाधड़ी का केस दर्ज होने के बाद से फरार है। पुलिस ने गुरुवार को कई ठिकानों पर छापेमारी भी की है, लेकिन अब भी कोई सूचना नहीं है। हरप्रीत का कॉल लगातार बंद आ रहा है। उन्होंने अपने दस्तावेजों में बुंदेलखंड विवि से बीकॉम की मार्कशीट लगाई थी। अधिकारियों को इस दस्तावेज पर शक हुआ तो उन्होंने छानबीन शुरू की। अब बुंदेलखंड विवि ने बताया है कि उन्होंने हरप्रीत सिंह भाटिया की मार्कशीट जारी ही नहीं की है।
केस दर्ज होने के बाद अब हरप्रीत के लिए अब आगे की राह आसान नहीं होगी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ और बीसीसीआई कार्यवाही कर सकती है, लेकिन इस विषय पर संघ भी आधिकारिक बयान देने से बच रहा है। जानकारों का कहना है, संघ के किसी खिलाड़ी पर केस दर्ज होना पहली घटना नहीं है। कई खिलाड़ी अपराध दर्ज होने के बाद भी मैदान में खेला है। लेकिन यह विषय दूसरा है। खेल कोटे से नौकरी के नाम पर कप्तान का धोखाधड़ी करना संघ को भी स्वीकार नहीं होगी । जब तक आरोप साबित नहीं हो जाता हरप्रीत पर कांटे की सुई लटकी रहेगी।
हरप्रीत पर लगे धोखाधड़ी के आरोप जब तक साबित नहीं हाेते संघ क्रिकेट टूर्नामेंट से निलंबित कर सकता है।अपना क्रिकेट करियर और कप्तानी बचाने के लिए हरप्रीत को आरोप को जल्द से जल्द झुठा साबित करना होगा। नहीं तो लंबे समय तक क्रिकेट से दूरी बनाने पड़ सकती है। संघ ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किया है, आरोप तय होने के बाद हरप्रीत का भविष्य तय होगा। लेखपाल पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है। संघ में आगामी टूर्नामेंट के लिए नए कप्तान की चर्चा शुरू हो गई है। हरप्रीत के लौटने से विवाद फिर बढ़ सकता हैै। ऐसी गलती संघ नहीं करेगा। सूत्रों के अनुसार संघ अभी शशांक चंद्रकार को नया कप्तान बना सकती है। वर्तमान में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के बीच खेले जा रहे रणजी में कप्तान की कमान संभाले हुए है।

