गरियाबंद। नेशनल हाईवे से महज चंद कदमों की दूरी पर बना डोंगरी गांव पुल भ्रष्टाचार का भेंट गया है । महज तीन साल में ही पुल में जगह जगह दरारें पड़ गई है। करप्शन के पुल में अधिकारियों की मिलीभगत और ठेकेदार की लापरवाही साफ साफ बयां कर रही है । सरकार आवागमन को बेहतर बनाने के लिए डोंगरी गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1 करोड़ 32 लाख रूपये की लागत से निर्मित पुल को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन साल पहले ही 30 मई 2019 को पुल का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया था ।लेकिन लोकार्पण के 3 साल बाद ही पुल में जगह जगह दरारें पड़ गई है। फूल पर बना जॉइंट भी उखड़ने लगा है आलम यह है कि जल्द ही शासन पुल की रिपेयरिंग नहीं कराएगी तो आने वाले दिनों में गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुल निर्माण में अनियमिता बरतने का आरोप लगाते हुए जल्द पुल रिपेयरिंग करने व ठेकेदार अधिकारी पर कार्यवाही करने की मांग किया हैं वहीं भाजपा नेता भी मामले में सामने आकर भुपेश सरकार पर निशाना साधते हुए ठेकेदार अधिकारीयों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहें है। वहीं इस मामले में जब उच्च अधिकारी से बात किया तो रटा रटाया जवाब देते हुए पुरा ठीकरा ठेकेदार पर फोड़ते हुए कहा कि पुल डिफेक्ट लाइबेलिटी पीरियड में हैं।ठेकेदार से ठीक करवाया जाएगा।
गरियाबंद : 3 साल पहले डोंगरी गांव पुल भ्रष्टाचार का चढ़ा भेंट

