दल्लीराजहरा – नगर के एक मात्र शहीद ब्लड सेंटर में एक बार फिर लापरवाही नज़र आई। जिसमे देखा गया कि बालोद से आये एक मरीज को रात्रिकालीन ब्लड की जरूरत पड़ी। परन्तु रात्रिकालीन में ब्लड बैंक बन्द पड़ा मिला। ब्लड बैंक के दरवाजे पर लिखे नंबर पर कॉल करने पर भी किसी प्रकार का जवाब नही आया। अंततः मरीज के परिजन को निराश होकर खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
24×7 ब्लड बैंक खोलने का नियम
केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा ब्लड बैंकों के संचालन के लिए बनाए गए नियम-कायदों की शहीद ब्लड सेंटर धज्जियां उड़ा रहा है। जबकि आदेश/निर्देश अनुसार ब्लड बैंक 24 घण्टे चालू रहना है। परंतु शहीद ब्लड सेंटर द्वारा रात्रि 10 बजे के बाद ब्लड बैंक को बन्द कर दिया जाता है और अपने मोबाइल नंबर को दरवाजे पर लिखकर छोड़ा जाता है। जिस पर कॉल करने से किसी प्रकार की कोई जवाब नही आती है।
लैब टेक्नीशियन के भरोसे ब्लड बैंक
शहीद ब्लड बैंक में कार्य कर रहे 5 में से 4 कर्मचारियों की डीएमल्टी डिप्लोमा रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नही है। शहीद ब्लड सेंटर में एमडी पैथोलॉजीस्ट, डॉक्टर उपलब्ध नही है। यह ब्लड बैंक सिर्फ टेक्नीशियन के भरोसे ही चल रही है। शहीद ब्लड बैंक को चालू हुए 4 माह गुजर चुके है। परन्तु यहां प्लाज्मा, प्लेटलेट्स जैसे सुविधा नही है। इसके बावजूद मुख्य स्वास्थ्य एवम चिकित्सा अधिकारी बालोद एवम खण्ड चिकित्सा अधिकारी डौन्डी द्वारा औपचारिक रूप से निरीक्षण भी नही किया गया है।
ब्लड चार्जेज में भेदभाव
शहीद ब्लड सेंटर सहयोग स्वास्थ्य एवम शिक्षण समिति द्वारा संचालित किया जा रहा है। शहीद ब्लड बैंक द्वारा शहीद अस्पताल की भूमि पर संचालित हो रहा है। जिसके कारण शहीद अस्पताल के मरीजों को 1250 रु में ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। जबकि दूसरे अस्पताल से आने वाले मरीजों के लिए 1450 रु में ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह का भेदभाव सोचने योग्य है।
शासकीय ब्लड बैंक खोलने की अपील
नगर की जनता शहीद ब्लड सेंटर के द्वारा भेदभाव, सुविधा अनुरूप कार्य ना करने को लेकर परेशान है। डौन्डी विकासखंड क्षेत्र में शासकीय ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण प्राइवेट ब्लड बैंक अपनी मनमानी कर रहे है। दल्लीराजहरा नगर में एक शासकीय ब्लड बैंक की कमी को नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर एवम क्षेत्र की विधायक एवम मंत्री अनिला भेड़िया जल्द पूरी करे।
शहीद ब्लड सेंटर 24 घण्टे चालू रहता है। हमारी संस्था दल्लीराजहरा व आसपास क्षेत्र से आने वाले मरीजों का पूरा ख्याल रखते है। रात्रिकालीन केस कम आते है। इसलिए कर्मचारी घर चले जाते है परंतु आपातकालिन स्थिति में तत्काल ब्लड बैंक पहुचते है।
(आलोक दीप संचालक शहीद ब्लड सेंटर )
शहीद ब्लड सेंटर को 24 घण्टे चालू रहना चाहिए। साथ ही वहां डीएमल्टी कर्मचारियों के साथ साथ एक एमडी पैथोलोजिस्ट व डॉक्टर उपलब्ध होना चाहिए। यदि शहीद ब्लड सेंटर में कमी इस तरह पाई जाती है। तो उनपर कार्यवाही की जाएगी। डौन्डी क्षेत्र वासियों के लिए जल्द ही शासकीय ब्लड बैंक खोलने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र वासियों को जल्द ही इसकी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
(बीएमओ विजय ठाकुर)
नगर की जनता व आसपास के क्षेत्र वासियों के लिए शासकीय ब्लड बैंक होना बेहद जरूरी है। प्राइवेट ब्लड बैंक अपनी मनमानी से ब्लड बैंक चलाते है। शासकीय ब्लड बैंक खुलने से ब्लड चार्जेज 1050 रु होगा। जो कि प्राइवेट ब्लड बैंकों से 400 से कम है। साथ ही प्लाज्मा, प्लेटलेट्स जैसी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह जनता के लिए सुखद है। शासकीय ब्लड बैंक खोलने की तैयारी जल्द पूर्ण की जाए।