प्रांतीय वॉच

छत्तीसगढ़ का एक ऐसा गांव जहां बरसों से नही हुई किसी की शादी, मामला जान हैरान रह जाओगे आप

Share this

सुरजपुर – शादी का सीजन शुरू हो गया है और कई युवा अपने शादी को लेकर सपना सजाने लगे हैं, लेकिन सूरजपुर का एक इलाका ऐसा है जहां पिछले कई सालों से किसी भी लड़के के सिर पर सेहरा नहीं सच सका है, सूरजपुर जिले के इस अनोखे गांव पर हमारी खास रिपोर्ट देखे

सूरजपुर जिले का प्रतापपुर इलाका, यह इलाका लगभग दो दशकों से ज्यादा समय से हाथियों के आतंक का दंश झेल रहा है, आज भी इस क्षेत्र में 40 से ज्यादा हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जो यहां के स्थानीय लोगों के लिए कई तरह की समस्या का सबब है, लेकिन कुछ सालों में स्थानीय युवाओं को हाथी के कारण एक नए समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जो उनकी जीवन से जुड़ा है जिससे वह काफी परेशान है।

दरअसल क्षेत्र में हाथी की समस्या को देखते हुए इस क्षेत्र के गांव में कोई भी लड़की वाला अपनी बेटी की शादी करने को तैयार नहीं है, यही वजह है कि इस साल में इस इलाके के युवाओं के सिर पर सेहरा नहीं सज सका है, कई युवा तो ऐसे भी हैं जिनकी शादी तय भी हो गई थी, लेकिन जैसे ही लड़की वालों को क्षेत्र में हाथियों के आतंक के बारे में जानकारी मिली उन्होंने शादी तोड़ दी, लोगों को ऐसा लगता है कि हम अगर अपनी बेटी की शादी कर भी देते है तो उसके साथ कब क्या घटना घट जाए या उसके परिवार के साथ कोई घटना ना घट जाए इससे अच्छा हम यहां या शादी ही ना करें अब इस इलाके के लोग प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्दी हाथी की समस्या का कोई निराकरण किया जाए ताकि ऊनके भी रिश्ता लग सके।

इस इलाके के जनप्रतिनिधि भी भी यह मान रहे हैं कि हाथियों के आतंक की वजह से यहां शादी नही लगा रहा है और लग भी गया तो टूट जाता है साथ ही वह यह भी मान रहे हैं की हाथी के डर से लोग यहां रिस्ता करने से बच रहे है जिससे गांव में शादी नही हो रहा है इस इलाके में आए दिन हाथियों के द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने, मकान तोड़ने और ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने की खबरें आती रहती हैं, ऐसे में किसी भी बेटी के मां पिता के द्वारा ऐसे इलाकों में शादी के लिए मना करना स्वाभाविक है,, साथ ही प्रदेश के शिक्षा मंत्री और प्रतापपुर के विधायक प्रेमसाय सिंह टेकाम भी हाथी की समस्या को गंभीर मान रहे हैं और कहा कि समस्या प्रतापपुर का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में एक बड़ी समस्या बन गई है हाथियों के समस्या को देखते हुए इसके लिए रणनीति बनाकर काम किया जा रहा।

प्रतापपुर इलाके में हाथियों का आतंक से जलते हुए दो दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है, इस दौरान राज्य शासन और वन विभाग की तरफ से हाथियों से निजात के लिए कई दावे किए गए, बावजूद इसके आज भी इस क्षेत्र की स्थिति जस की तस है, ऐसे मे इस नए समस्या ने इस क्षेत्र के युवाओं के लिए नई समस्या खड़ा कर दिया ऐसे में जल्द समाधान निकालने की जरूरत है।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *