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धान खरीदी की तिथि बढ़ने से किसानों को मिली राहत अंतिम दिन भी धान बेचने पहुंचे कृषक पुष्पगुच्छ से किया गया स्वागत

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अफताब आलम/ बलरामपुर / प्रदेश के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तिथि बढ़ाकर किसानों को काफी राहत पहुंचाई है। ऐसे कई किसान थे जो असमय बारिश की वजह उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने नहीं पहुंच सके थे। वहीं आज समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतिम दिन जिले के धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने आये किसानों का पुष्पगुच्छ भेटकर स्वागत किया गया। विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के ग्राम कामेश्वरनगर निवासी  शिवप्रसाद सिंह धान खरीदी केन्द्र कामेश्वरनगर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण वे धान नहीं बेच पाये थे तथा शासन द्वारा धान खरीदी की तिथि को बढ़ाने से उन्हें अपने 240 बोरा धान बेचने का मौका मिला, समिति में हमें धान बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई और हम आराम से अपना धान समिति में बेच पाये इसके लिए शासन को धन्यवाद देते हैं। इसी प्रकार विकासखण्ड बलरामपुर के धान खरीदी केन्द्र तातापानी में ग्राम सेन्दुर निवासी  अक्षय कुमार धान बेचने आये थे। उनके पास पांच एकड़ जमीन है और वे खरीफ सीजन में लगभग 80 क्विंटल धान का उत्पादन किया था, शासन द्वारा पूर्व में निर्धारित 31 जनवरी तक वह समिति में धान नहीं बेच पाये थे। पर मुख्यमंत्री की पहल से धान खरीदी की तिथि बढ़ाने पर उन्हें धान बेचने का मौका मिल सका और उन्होंने 04 फरवरी को टोकन लिया तथा 07 फरवरी को समिति में अपना 200 बोरा धान लेकर पहुंचे थे। कृषक अक्षय कुमार बताते हैं कि धान खरीदी की तिथि बढ़ने से वे अपना धान बेच पाये और धान बेचने के लिए शासन ने खरीदी केन्द्र में व्यवस्था अच्छा था, धान बेचने में मुझे किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई। धान खरीदी केन्द्र बड़कीमहरी में ग्राम जतरो की महिला कृषक श्रीमती सुमित्रा देवी धान बेचने आई थी। सुमित्रा देवी ने बताया कि उनके पास 12 एकड़ जमीन है इससे पहले वह 07 जनवरी 2022 को 125 बोरा धान समिति में बेच चुकी है तथा धान खरीदी के अंतिम दिन समिति में पुनः 57 बोरा धान लेकर पहुंची थी।  सुमित्रा देवी ने कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी की तिथि बढ़ाने से उन्हें बाकी बचे धान को बेच पाई, इसके लिए मैं सरकार को तहे दिल से धन्यवाद देती हुं। समितियों में प्रशासन द्वारा धान बेचने आये किसानों के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी। जिससे धान बेचने में कृषकों को किसी प्रकार की समस्या एवं कठिनाई नहीं हुई।

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