धीरज तिवारी /जगदलपुर (बस्तर किरण) । कोरोना के बढ़ते मामले के साथ ही अब छत्तीसगढ़ में भी इसके ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अब रोज नए संक्रमितों की पुष्टि हो रही है। कुछ लापरवाह लोगों द्वारा की गई लापरवाही का खामियाजा अब दूसरे लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों की लापरवाही के चतते ही जमीनी स्तर पर तैनात रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कोरोना संक्रमण के शिकार हो सक्ते
है। लापरवाही का आलम यह है कि बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क के घर से ऐसे निकल रहे हैं जैसे मौजूदा हालात में कोरोना नाम की कोई बीमारी ही नहीं है। दुकानों में सोशल डिस्टिेंसिंग के नियम का पालन भी नहीं हो रहा है। सब्जी और फल दुकानदार बिना ग्लब्स लगाए ही लोगों को सामान बेच रहे हैं। अधिकांश लोग बिना वजह घर से बाहर निकल रहे हैं। यदि यही हालात रही तो कुछ दिनों में प्रदेश में संक्रमण के मामलें और तेजी से बढ़ सकते हैं। शहरी क्षेत्रों में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का मानना है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के पीछे आमजन की लापरवाही बड़़ी वजह बनकर सामने आ रही है।
गौर करने वाली बात है कि कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ के जिस बस्तर को इस बीमारी से अछूता बताया जा रहा था। वह भी इस महामारी की चपेट में आ गया है। यहां के शहरी क्षेत्रों में भी अब दिनों-दिन संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं इसकी मुख्य वजह आमजनों का प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन कड़ाई से नहीं करना और लापरवाही हैं। पहले बस्तर में मिले कोरोना मरीज या तो बाहर से लौटे मजदूर थे, दूसरे राज्यों में अध्ययन के लिये गये छात्र-छात्रायें तथा विभिन्न राज्यों में छुट्टी बिताकर आये सुरक्षा बल के जवान थे। अब यहां कोरोना के मामले बढऩे के पीछे एक वजह यह भी है कि यहां काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारी साप्ताहिक अवकाश में दूसरे जिले अपने-अपने घर चले जाते हैं और फिर बिना स्वास्थ्य परीक्षण के पुन: अपने कार्य पर आ जाते हैं। ऐसे लोग संक्रमण के बढ़ते ग्राफ का कारण भी हैं।
देश में जब अनलॉक हुआ था तो कुछ लोगों को लगा कि देश अब कोरोना मुक्त हो गया है। लोग सोशल डिस्टिेंसिंग का पालन करना व मास्क लगाना ही भूल गये। लोग लापरवाह होकर सब्जी बाजारों व दुकानों में बिना मास्क के भीड़ बढ़ा रहे हैं। कुछ लोग तो पूरे परिवार के साथ नव वर्ष पिकनिक मनाने भी निकल गये। ऐसे लोग खुद तो इस महामारी के शिकार हो सकते हैं और अपने आसपास के लोगों को भी बीमार कर सकते हैं। लापरवाह लोगों को खुली छूट मिले और दूसरे लोग इसका खामियाजा भुगते, यह तो आमजनों के साथ अन्याय है। अब समय आ गया है कि प्रशासन को ऐसे लोगों से सख्ती से निपटते हुए समाज को कोरोना जैसी इस महामारी से दुबारा फैलने से बचाना चाहिए।
छग में तीसरी लहर की दस्तक : छत्तीसगढ़ में भी इसके ग्राफ तेजी से बढ़ रहा : साधु राम दुल्हानी

