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भीगने से बचाने के लिए धान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बना पाने में भूपेश सरकार रही असफल, भीगा धान हुआ करोड़ों का नुकसान – डॉक्टर रमन

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भीगने से बचाने के लिए धान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बना पाने में भूपेश सरकार रही असफल भीगा धान हुआ करोड़ों का नुकसान – डॉक्टर रमन

तापस सान्याल भिलाई/ दुर्ग । भीगने से बचाने के लिए धान को सुरक्षित रख पाने में प्रदेश की भूपेश सरकार पूरी तरह से असफल रही है । जिसके कारण करोड़ों का नुकसान हुआ है सरकार का पूर्वानुमान सही होता तो इस राष्ट्रीय क्षति को बचाया जा सकता था। नगरीय निकाय चुनाव में प्रशासन का भीषण दुरुपयोग किए जाने का आरोप है डॉक्टर रमन सिंह ने प्रदेश सरकार पर लगाया।

बेमौसम बारिश के पश्चात प्रदेश में उत्पन्न परिस्थितियों पर आज दुर्ग पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए सर्वप्रथम पूरे प्रदेश वासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। इसके पश्चात कहा कि जो स्थितियां आज बारिश के कारण बनी है। उससे राष्ट्रीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि लगातार अव्यवस्थाओं का आलम प्रदेश में धान खरीदी को लेकर बना हुआ है। 2000 से भी ज्यादा सोसाइटी में धान की खरीदी के पश्चात धान पड़ा हुआ है उसका उठाव की व्यवस्था सरकार नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि धान वितरण केंद्रों से परिवहन करने की व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार बना पाने में असफल रही है। तीन तरह से सरकार की असफलता गिनाते हुए उन्होंने कहा कि पहला धान खरीदी के पश्चात भीगने से बचाने के लिए धान की सुरक्षा के लिए कैप कवर की व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई। दूसरा परिवहन के मामले में भी सरकार लगातार असफल रही है। वितरण केंद्रों से परिवहन केंद्र तक एवं परिवहन केंद्र तक व्यवस्था नहीं थी तो इस स्थिति में सरकार को धान मिलर तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए थी तीसरा पानी की निकासी की व्यवस्था कर पाने में भी प्रदेश सरकार असफल रही है। सरकार का अनुमान है कि करीब 900 करोड़ का धान बारिश में भीगने के कारण खराब हुआ है तो पिछले 4 सालों में करीब 4000 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिसका मुख्य कारण धान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं होना है। धान खरीदी केंद्रों में जो प्लेटफार्म कैप कवर एवं पानी निकासी की व्यवस्था सरकार के द्वारा की जानी थी। उन व्यवस्थाओं को बना पाने में भूपेश सरकार असफल रही है। उन्होंने कहा कि चार हजार करोड़ का नुकसान यदि इस नुकसान को खर्च में बदल दिया जाता तो कम से कम नुकसान होता। गोदाम की व्यवस्था की जा सकती थी और धान को सुरक्षित रखा जा सकता था । उन्होंने कहा कि कैप कवर एवं बोरे दोनों ही की व्यवस्था बनाना मैंडेटरी प्रोविजन है। जो धान खरीदी के साथ ही शुरू होता है। उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर माह में प्रतिवर्ष बारिश होती है। पिछले 20 वर्षों से बारिश हो रही है। सभी जानते हैं कभी बारिश कम होती है अथवा यह ज्यादा होती है, यह तो सरकार की असफलता है कि जानकारी होने के बावजूद धान को ढकने की व्यवस्था नहीं की गई। अभी स्थिति यह है कि किसानों का भी नुकसान हो रहा है क्योंकि धान किसानों के घरों एवं खलियानो में रखा हुआ है। अभी तक कुल 50 लाख मैट्रिक टन की धान खरीदी हो पाई है। अभी भी करीब 55 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी होना बाकी है और सभी खरीदी केंद्र में लगभग धान भर चुका है। अर्थात भूपेश सरकार धान खरीदी व्यवस्था को बना पाने में पूरी तरह से असफल रही है। जिसका मुख्य कारण पूर्वानुमान की कमी रही है।

नकल करने के लिए भी अकल चाहिए

उत्तर प्रदेश में चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि भगवा धारण कर लेना अथवा कोर्ट के ऊपर जनेऊ धारण कर लेने से इन्हें ऐसा लगता है कि जनता समझेंगे कि उनका हृदय अथवा मन परिवर्तन हो गया है। परंतु नकल करने के लिए भी अकल होनी चाहिए। धर्मसंसद बुलाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं तो यह मालूम होना चाहिए कि किसको और कैसे बुलाया जाए किन किन से बात करनी चाहिए।

भगवान श्री राम के लिए छत्तीसगढ़ में अपशब्द का इस्तेमाल कार्यवाही कब करेगी भूपेश सरकार

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के प्रदेश में लगातार हो रहे अपमान की बात कहते हुए कहा कि भगवान श्री राम के लिए लगातार अपशब्द बोलने वालों के खिलाफ प्रदेश की भूपेश सरकार कब कार्रवाई करेगी यह जनता पूछ रही है जिसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

नगरीय निकाय चुनाव में हुआ सत्ता का भीषण दुरुपयोग

डॉ रमन सिंह ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद पद के लिए 2 एवं 3 वोटों से भाजपा प्रत्याशियों को परास्त किया गया है। इस चुनाव में जन बल धन बल एवं प्रशासन का भरपूर दुरुपयोग किया गया है। जिले के सारे अधिकारियों को दबाव बनाकर इस प्रकार के परिणाम दिए गए हैं। इसी कारण से ही चुनाव भी बैलेट पर कराया गया। सरकार को चाहिए था महापौर एवं अध्यक्

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