
(रायपुर ब्यूरो ) | राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध और सबसे पुराने विद्यालय में कानूनी जागरूकता मैं छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के छात्रों ने विद्यालय के बच्चों से उनके अधिकारों के बारे में चर्चा की | इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ आलोक शुक्ला ने निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के बारे में बच्चों से विस्तार से चर्चा की | साथ ही छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सुरेंद्र कुमार ने बच्चों से कानून और उसका जीवन के महत्व के बारे में बातचीत की इसके अलावा विद्यालय के प्राचार्य एमआर सावंत ने बच्चों में कानून की जानकारी होना कितना आवश्यक है इस विषय पर चर्चा की |

कानूनी जागरूकता के इस कार्यक्रम का विषय बाल अधिकार आओ जाने अपना अधिकार था | जहां महाविद्यालय के विधि विभाग के छात्रों ने बालकों के अधिकारों और उनकी विविधता पर चर्चा की | पूरे कार्यक्रम का संचालन करते हुए लॉरेंस एंटोनी ने बच्चों को कार्यक्रम के साथ बांध कर रखा राहुल जयसवाल ने पूरे कार्यक्रम को समझते हुए सभी अधिकारों पर अपनी बात रखी साथ ही निहाल चौबे अवैध मानव व्यापार जैसे चुनौतीपूर्ण संगठित अपराध के विषय में बच्चों को अवगत कराया जितेश्वरी साहू ने सोशल मीडिया से बच्चों को होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी बाल श्रम तथा उससे संबंधित अधिकारों के विषय में अनित महापात्रा भूमिका शुक्ला और घनश्याम नेताओं ने प्रकाश डाला | तुलसी भारती और सावित्री कुर्राम ने बच्चों के हो रहे लेकिन अपराध के बारीकियों को बताते हुए उससे बचने के उपाय बताएं |

निशांत तिवारी और विनीता मांडवी ने किशोर न्याय के विषय में तकनीकी जानकारी को बहुत ही सरल भाषा में समझाया खेमराज साहू ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग के विषय में और टांकेश्वर साहू ने पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 को सहजता से बताया |

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालकों में कानून उनके अधिकार और साथ ही कर्तव्यों का बोध कराना था जिसमें उनका शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास में वृद्धि हो भारत के संविधान उसकी प्रस्तावना तथा मूल अधिकारों पर विशेष चर्चा के दौरान बच्चों में भी कानून के प्रति रुझान देखने को मिला |
