नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वैसे तो शालीन नेताओं में गिने जाते हैं। कहा जाता है कि अखिलेश यादव शब्दों की मर्यादा को जानते हैं और बोलने से पहले सोचते जरूर हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से अखिलेश यादव ने जिस तरह की बयानबाजी की है उससे उनकी ये छवि धूमिल होती दिखाई दी। पीएम मोदी पर उनकी टिप्पणी हो या फिर सीएम योगी पर हमला… अखिलेश यादव धीरे-धीरे शब्दों की मर्यादा खोते जा रहे हैं। पीएम मोदी के वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि “अंतिम समय में व्यक्ति वहीं जाता है”। अखिलेश के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लेकिन अखिलेश ने एक बार फिर सीएम योगी को लेकर भी बयान दे दिया है।

दरअसल समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव मंगलवार को यूपी के जौनपुर में हैं। जहां वे समाजवादी विजय यात्रा निकाल रहे हैं। इसी बीच उन्होंने पीएम मोदी के गंगा स्नान करने पर टिप्पणी की और सीएम योगी पर हमला करने की कोशिश की। अखिलेश यादव ने कहा कि सीएम योगी ने गंगा नदी में डुबकी इसलिए नहीं लगाई क्योंकि वह जानते हैं कि गंगा नदी गंदी है। बीजेपी ने गंगा की सफाई पर करोड़ों खर्च किए हैं, लेकिन सीएम योगी को पता है कि गंगा में गंदगी है, इसलिए उन्होंने उसमें डुबकी नहीं लगाई। इतना ही नहीं, अखिलेश ने गंगा की सफाई पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ‘सवाल यह है कि क्या मां गंगा कभी साफ होंगी? मिल रहे फंड खर्च हो रहे हैं, लेकिन नदी साफ नहीं हुई है।’आपको बता दें कि इससे पहले जब पीएम मोदी के काशी दौरे को लेकर पत्रकारों द्वारा प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा था कि अंतिम समय में काशी में वक्त गुजारना बहुत अच्छा माना जाता है। इसलिए उन्हें दो दिन, चार दिन, दो महीने यहीं रहना चाहिए। अखिलेश यादव के इस विवादित बयान पर भाजपा नेता भड़क गए हैं।

