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कोरोना के नए वेरिएंट Omicron से दहशत, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण आज राज्यों के साथ करेंगे बैठक

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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण आज राज्यों के साथ कोरोना के नए वेरिएंट Omricon पर समीक्षा बैठक करेंगे. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने 28 नवंबर रविवार को राज्यों को चिट्ठी लिखकर ‘ओमीक्रोन’ (Omicron) वैरिएंट पर अहम निर्देश दिए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर ‘ओमीक्रोन’ (Omicron) को लेकर अलर्ट रहने को कहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आने वाले दिनों में अलर्ट रहने की नसीहत दी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस चिट्टी में राज्यों को कोविड अस्पताल को तैयार रखने को कहा है. साथ ही टेस्टिंग, ट्रेसिंग बढ़ाने के साथ ही कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देने और वैक्सीन कवरेज में तेजी लाने की सलाह दी है. इसके अलावा कंटेंमेंट और ऐक्टिव surveillance उपायों को लागू करने के लिए तैयार रहने को कहा है. माना जा रहा है कि नया वेरिएंट काफी खरनाक है. ऐसे में कई देशों ने सख्ती से इसके खिलाफ देश में कुछ चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया है.
कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन तेजी से पांव पसार रहा है. यह खतरनाक वायरस काफी खतरनाक बताया जा रहा है. वायरस का नया वेरिएंट लगभग 14 देशों में पहुंच चुका है. तमाम कोशिशों के बाद भी इस वायरस ने इन देशों में पांव पसार चुका है. कई देशों ने इसके आगमन से पहले अपने-अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है. डेल्टा वेरिएंट का तांडव विश्व देख चुका है. ऐसे में सभी देश खास एहतियात बरत रहे हैं. ओमिक्रोन वेरिएंट को देखते हुए अमेरिकी सरकार के शीर्ष चिकित्‍सा सलाहकार एंथनी फाउची ने वायरस के नए वेरिएंट को लेकर खतरे की घंटी बजा चुके हैं.
वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का पहला केस पिछले हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में मिला था. देखते ही देखते यह स्‍ट्रेन 14 देशों में फैल गया. नए वेरिएंट से वैसे लोग भी संक्रमित हो रहे हैं जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले रखी है. कोरना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को B.1.1.529 नाम दिया गया है.
ओमिक्रोन वेरिएंट का वायरस जर्मनी, इटली, बेल्जियम, इजरायल और हांगकांग में भी इसके मामले सामने आए हैं. दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी की जा रही है और लगातार जांच जारी है. थाईलैंड ने अफ्रीका के आठ देशों से यात्रियों के आने पर पाबंदी लगा दी है.
जोखिम वाले देशों’ के रूप में पहचाने जाने वाले देशों से भारत आने के लिए प्रस्थान से 72 घंटे पहले किए गए पूर्व-प्रस्थान COVID-19 परीक्षण के अलावा आगमन पर हवाई अड्डे पर अनिवार्य रूप से आगमन पर COVID-19 परीक्षण से गुजरना पड़ेगा. इन परीक्षणों में पॉजिटिव पाए गए यात्रियों के लिए, उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा और नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाएगा. इसके अलावा उनके नमूने भी पूरे जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जाएंगे. नकारात्मक पाए गए यात्री हवाई अड्डे से जा पाएंगे, लेकिन 7 दिनों के लिए घर से अलग रहना होगा. इसके बाद भारत में आगमन के 8वें दिन दोबारा परीक्षण किया जाएगा, इसके बाद 7 दिनों तक स्व-निगरानी होगी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अन्य देशों से आने वाले यात्रियों में से पांच फीसदी की जांच की जाएगी और संबंधित विमानन कंपनी को प्रत्येक उड़ान से आने वाले उन पांच फीसदी लोगों की पहचान करनी होगी, जिनका परीक्षण किया जाना चाहिए. हालांकि, इनके नमूने की जांच का खर्च मंत्रालय वहन करेगा. मंत्रालय ने कहा कि वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप को ध्यान में रखते हुए मौजूदा दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया था. दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के मिलने की खबर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को दी गयी थी.

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