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जाति प्रमाण पत्र बनाने भटक रहे आम जन छात्र 

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डोंगरगढ़ ब्यूरो (तिलक राम मंडावी ) | छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग महानदी भवन,नया रायपुर, अटल नगर जिला रायपुर मंत्रालय द्वारा समस्त कलेक्टर आयुक्त,नगर पालिक निगम छत्तीसगढ़ एवं समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद  नगर पंचायत, क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में यह निर्देश जारी किया गया  कि राज्य में निवासरत बहुत से ऐसे आवेदक हैं जिनके पास विभिन्न शैक्षणिक एवं राजस्व अभिलेखों में अधिसूचित वास्तविक जाति के स्थान पर “धर्म का नाम अंकित होने एवं पूर्व के अभिलेखों में उनकी जाति स्पष्ट रूप से अंकित नहीं होने के कारण, जाति प्रमाण पत्र बनाने में बहुत कठिनाई हो रही है। वही कई आवेदका के पास ऐसे कोई दस्तावेजी साक्ष्य / अभिलेख भी उपलब्ध नहीं है। उनके जाति प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में ध्यान आकर्षण करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशो का अनुपालन कढाई से सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया कि नगर पंचायत नगर पालिका परिषद् अथवा सामान्य सभा द्वारा की गई उद्घोषणा को जाति तथा मूल निवास के संबंध में साक्ष्य के रूप में मान्य कर उसके आधार पर नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए | किन्तु इन सारे निर्देशो को दरकिनार करते हुये नगरपालिका अध्यक्ष एवं अधिकारी द्वारा एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए आवेदकों को गुमराह किया जा रहा है बावजूद आवेदन पी आई सी में पास होने के बावजूद संबंधितों के जाति प्रमाण पत्र हेतु तहसील कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी को प्रस्तावित हितग्राहियों के प्रस्ताव प्रपत्र नही भेजने के चलते आवेदकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है | बहरहाल अब देखना यह हैं कि आखिर कब तक जाति प्रमाण पत्र के लिए इन हितग्राहियों को नगरपालिका, तहसील कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी के चक्कर काटने पड़ेंगे , हम आपको बता दे कि जिस एरिया में ये समस्या उतपन्न हो रही है यह अनुसूचित जाति रिजर्व सीट हैं जहाँ पर नगर पालिका अध्यक्ष सुधेश मेश्राम हैं और विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति आरक्षित हैं सीट हैं एवं वर्तमान में विधायक भुनेश्वर बघेल है जो अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं बावजूद यह  स्थिति उतपन्न होना कई सवाल खड़े कर रहे हैं | जो दिया तले अंधेरे जैसे कहावत को चरितार्थ कर रही हैं |

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