नई दिल्ली : क्रिप्टोकरेंसी रेग्युलेशन को लेकर सरकार इस विंटर सेशन में क्रिप्टोकरेंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 पेश कर सकती है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विंटर सेशन में सरकार 26 बिल को पेश करेगी. डिजिटल करेंसी बिल 2021 की मदद से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को अपनी आधिकारिक डिजिटल करेंसी जारी करने के लिए सुविधाजनक फ्रेमवर्क मिलेगा. इसके अलावा यह बिल प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को भारत में बैन भी करेगा. हालांकि, यह बिल इस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के मकसद से कुछ अपवाद को भी अनुमति देगा. बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर संसदीय पैनल की अहम बैठक हुई थी. उस बैठक में इस बात पर सहमति बनी थी कि समय आ गया है जब भारत क्रिप्टोकरेंसी को रेग्युलेट करे और इसकी दिशा तय करे.
टैक्सेशन को लेकर टैक्स कानून में बदलाव कर सकती है सरकार
पिछले दिनों राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा था कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी को कर दायरे में लाने के लिए आयकर कानूनों में बदलाव पर विचार कर रही है. इनमें से कुछ बदलाव अगले साल के बजट का हिस्सा हो सकते हैं. बजाज ने बताया, ‘‘हम निर्णय लेंगे. मैं समझता हूं कि पहले से ही लोग इस पर कर चुका रहे हैं. अब जब यह वास्तव में बहुत बढ़ गया है, तो हम देखेंगे कि क्या कानून की स्थिति में कुछ बदलाव ला सकते हैं या नहीं. लेकिन यह एक बजट की गतिविधि होगी. हम पहले से ही बजट के करीब हैं, हमें उस समय को देखना होगा.’’
ट्रेडिंग से कमाई पर भी लग सकता है टैक्स
यह पूछे जाने पर कि क्या क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए स्रोत पर कर संग्रह (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) का प्रावधान पेश किया जा सकता है, सचिव ने कहा, ‘‘अगर हम एक नया कानून लेकर आते हैं, तो हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है.’’ उन्होंने कहा, ‘अगर आप पैसा कमाते हैं तो आपको कर देना होगा… हमारे पास पहले से ही कुछ कर हैं, कुछ ने इसे एक संपत्ति के रूप में माना है और इस पर पूंजीगत लाभ कर का भुगतान किया है.’
खुद पीएम मोदी की क्रिप्टोकरेंसी पर नजर
वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर ना तो कोई रेग्युलेशन है और ना ही इस पर बैन लगा हुआ है. पिछले सप्ताह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों संग क्रिप्टोकरेंसी की संभावनाओं पर अहम बैठक की थी. उससे पहले जयंत सिन्हा की अध्यक्षता में पार्लियामेंट की स्टैंडिंग कमिटी ऑन फाइनेंस की क्रिप्टो प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में क्रिप्टो पर बैन नहीं लगाने को लेकर सहमति बनी थी.

