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गलवान घाटी में शहीद सैनिकों को वीरता पुरस्कार, कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र

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दिल्ली: चीन के साथ सीमा विवाद में बीते साल लद्दाख में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ लोहा लेते हुए शहीद होने वाले कर्नल संतोष बाबू को आज महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा ऑपरेशन स्नो लेपर्ड का हिस्सा रहे नायब सूबेदार नूडूराम सोरेन, हवलदार के पिलानी, नायक दीपक सिंह और सिपाही गुरतेज सिंह को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी मां और पत्नी को पुरस्कार दिया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे।

बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे संतोष बाबू

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के सामने अपना शौर्य दिखाने वाले कर्नल संतोष बाबू ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए अपनी जान को न्योछावर कर दिया था। कर्नल संतोष 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे और 15 जून को चीनी सैनिकों के घुसपैठ को रोकने में हुई झड़प के दौरान सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

देश का दूसरा वीरता पुरस्कार है महावीर चक्र

गौरतलब है कि महावीर चक्र देश का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। शहीद कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया है। गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो-लैपर्ड के दौरान चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में भारत के चार अन्य शहीद जवानों को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया है।

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