देश दुनिया वॉच

त्रिपुरा हिंसा के विरोध में बुलाया गया बंद हुआ हिंसक! नांदेड़, मालेगांव और अमरावती में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी, करीब 23 लोग घायल; दुकानें तोड़ी गईं

Share this

नांदेड़ : त्रिपुरा हिंसा के विरोध में शुक्रवार को महाराष्ट्र के कई शहरों में मुस्लिम संगठनों ने बंद का ऐलान किया था जिसके दौरान तीन शहरों में हिंसा भड़क गई. नांदेड़ (Nanded), मालेगांव (Malegaon) में भड़की हिंसा में करीब 23 लोगों 7 पुलिसवालों के घायल होने की खबर है. दोनों शहरों में भीड़ ने दुकानों को निशाना बनाया और तोड़फोड़ की. उधर अमरावती (Amravati) में भी भीड़ ने करीब 22 दुकानों में आग लगा दी. बीजेपी ने इस तोड़फोड़ के विरोध में आज अमरावती में बंद का ऐलान किया है. पुलिस ने हिंसा की घटनाओं के संबंध में 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है. मैं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रहा हूं. अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. हमें सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की जरूरत है, मैं सभी से अपील करता हूं. मैं पुलिस से भी स्थिति को नियंत्रित करने की अपील करता हूं. संयम और शांति बनाए रखें.” उन्होंने आगे कहा, ”त्रिपुरा में हुई हिंसा के खिलाफ राज्य भर के मुसलमानों ने आज विरोध मार्च निकाला. इस दौरान नांदेड़, मालेगांव, अमरावती और कुछ अन्य जगहों पर पथराव किया गया. मैं सभी हिंदुओं और मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं.”

पुलिस से मोर्चा निकालने की अनुमति नहीं ली गई
अमरावती के डीसीपी विक्रम साली ने कहा कि पांच शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल यहां शांति है. इस विरोध मार्च के लिए पुलिस की अनुमति नहीं ली गई थी. शिकायतों के आधार पर हम इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. बता दें कि शुक्रवार को महाराष्ट्र के कई शहरों में मुस्लिम संगठनों ने बंद का ऐलान किया था. इस दौरान कई जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं. नांदेड़ में हिंसक भीड़ ने कई दुकानों में तोड़फोड़ की और भारी पथराव किया जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए. सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है. उधर मालेगांव में भी काफी बवाल हुआ और हिंसक भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा.

अशोक चव्हाण ने भी हिंसा को गलत बताया
नांदेड़ के गार्जियन मंत्री अशोक चव्हाण ने शुक्रवार देर रात कहा कि त्रिपुरा की घटना पर निषेध व्यक्त करने के लिए नांदेड़ में लोग इकठ्ठा हुए थे लेकिन लोगो ने हिंसा किया जो गलत बात है. फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.

कैसे भड़की हिंसा?
मिली जानकारी के मुताबिक भारत बंद के आह्वान ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में हिंसक मोड़ ले लिया है. जबरदस्ती दुकाने बंद करवाई गई हैं और पुलिस पर भी पथराव हुआ है. नांदेड़ में मुस्लिम संगठनों ने सड़कों पर आ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी हुई. लेकिन कुछ ही देर में ये प्रदर्शन हिंसक हो गया और दुकानों को भी जबरदस्ती बंद करवाया गया. भारी संख्या में सड़कों पर पत्थर भी फेंके गए और पुलिस संग भी हाथापाई हुई. मालेगांव में भी दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया है और पुलिस संग मुठभेड़ हुई है. मालेगांव के अलावा अमरावती में भी जमकर बवाल काटा गया. वहां भी दुकानें बंद करवाई गईं और पुलिस के साथ झड़प की भी ख़बरें हैं.

मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि हाल ही में त्रिपुरा में बड़े स्तर पर सांप्रयादिक हिंसा देखने को मिली. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमले के बाद से ही त्रिपुरा में माहौल गरमा गया था. मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि वहां पर उन्हें धमकी दी जा रही है और हमले हो रहे हैं. रिपोर्ट तो ऐसी भी आई थीं कि मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया और तोड़फोड़ हुई. लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में इस खबर को नकार दिया. लेकिन उस तनावपूर्ण माहौल और कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स की वजह से पूरे देश में त्रिपुरा हिंसा का विरोध हुआ.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *