नरेश राखेचा/धमतरी : विजयादशमी के अवसर पर नगर के स्वयंसेवकों द्वारा पथसंचलन निकाला गया। जिसका स्वागत शहर के विभिन्न संगठनों में पुष्पवर्षा कर किया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने दंड चालन, व्यामयोग, खेल, सूर्य नमस्कार कर शक्तिप्रदर्शन का कार्यक्रम किया। मंचीय कार्यक्रम में मुख्य वक्ता गिरीशदत्त उपासने ने बताया की विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना हुई और तब से संघ का काम अनवरत चल रहा है कोरोना काल में भी संघ का कार्य अप्रत्यकक्ष रूप से चला। आज हम सभी को यह प्रतिज्ञा लेनी चाहिए की संघ का काम हमेशा चलता रहे। संघ की स्थापना विशेष कार्य के लिये हुई है इस लक्ष्य को हमें ध्यान में रखना चाहिए। संघ की स्थापना का मूलभाव स्वस्थ राष्ट्र की स्थापना है इस लक्ष्य की प्राप्ति क़े लिये स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से लगे हुए है। उन्होंने कहा इस राष्ट्र की संस्कृति जीवनशैली हिंदू है इस विचारधारा को गति देने की आवश्यकता है संघ के माध्यम से राष्ट्र को विचार देने का काम तीव्र गति से चल रहा है। संघ का कार्य शाखा से प्रारंभ होकर समाज क़े विभिन्न क्षेत्र में विस्तारित हो चुकी है जहां ज़रूरत पड़ी संघ के स्वयंसेवक उस जगह पर पहुँच गये और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पं राजेश शर्मा ने कहा की राष्ट्रवाद की सबसे बड़ी आर्मी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना धर्म की रक्षा के लिये किया गया है जिस तरह त्रेतायुग में भगवान श्री राम की आवश्यकता थी उसी प्रकार कलियुग में संघ की आवश्यकता है। विश्व की सबसे बड़ी सेना देश के पास है देश को संघ की भी ज़रूरत महसूस हो रही है। सेना आतंकवाद की ख़त्म करती है और संघ आतंकवाद की सोच को ख़त्म कर रही है। इस अवसर पर श्याम अग्रवाल, रामलखन गजेंद्र, जितेंद्र यदु, घनश्याम साहू, मोहन साहू, शिरोमणि राव घोरपडे, सुबोध राठी, रंजना साहू, हरिवंश साहू, दिनबंधु सिन्हा, रामजी साहू, महेंद्र पंडित, सागर, रवि, कोमल सर्वा, अमित साहू, कुंदन सिंग, शिवाजी साहू, दिनेश पटवा, गोविन्दा सोनी, विनय जैन, प्रिंस जैन, दिलीप सोनी, योगेश गाँधी, लक्ष्मण राव मगर, राजकुमार पटेल, धनराज पटेल, विजय नामदेव, अजय नामदेव, ऋषि त्रिपाठी, विशाल ब्रम्हे राजू सोनकर एवं अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी उत्सव मनाया

