कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : अविभाजित मप्र के केबिनेट मंत्री रहे मूलचंद खंडेलवाल को देवकीनंदन दीक्षित मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम बिदाई दी गई ।काफी अर्से से बीमार चल रहे श्री खंडेलवाल का सुबह 9 बजे निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में भाजपा कांग्रेस के अनेक नेता , व्यवसाई ,सामाजिक संगठनों लोग तथा परिजन और नजदीकी लोग शामिल रहे । मुक्ति धाम में आयोजित शोकसभा में सभी ने दिवंगत श्री खंडेलवाल के जुझारूपन और सफल राजनीतिज्ञ को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और बिलासपुर में भाजपा को स्थापित करने वाला नेता बताया।
मप्र शासन में 90 के दशक में सुंदर लाल पटवा मंत्रिमंडल में खाद्य ,उद्योग मंत्री रह चुके मूलचंद खंडेलवाल आज हमारे बीच नहीं रहे ।लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को सुबह 9 बजे उनका देहावसान हो गया ।श्री खंडेलवाल ने बिलासपुर में भाजपा की नीव रखी और बिलासपुर जिसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता था उसमे अपनी मेहनत की बदौलत न केवल सेंध लगाई बल्कि भाजपा के प्रथम विधायक भी बने विधायक बनने के पहले उनकी टीम जिसमे बद्रीधर दीवान ,डा डी पी अग्रवाल ,मन्नू मिश्रा ,नारायण तावड़कर चेतन बजाज ,दत्ता त्रिपुरवार ,राजेंद्र शर्मा जैसे सैकड़ों लोग थे जो भाजपा का जनाधार बढ़ाने जी तोड़ मेहनत की।शहर की राजनीति का केंद्रबिंदु गोलबाजार था जिसे श्री खंडेलवाल ने वर्षो तक कायम रखा और अपने बलबूते पर पूरे गोलबाजार के व्यापारियों को साहस के साथ हर मुश्किल का सामना करने तैयार किया श्री खंडेलवाल के जुझारूपन और हिम्मत की भावना आज भी गोलबाजार के व्यापारियों में है ।
गलत बातों के लिए विरोध करने श्री खंडेलवाल गोलबाजार में अकेले सामना करने खड़े हो जाते थे।आज उनके अंतिम संस्कार में श्री खंडेलवाल के वे सभी पुराने साथी नजर आए जो पिछले 20 वर्षो से नेपथ्य में चले गए थे ।श्री खंडेलवाल को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र दीपक खंडेलवाल ने दी ।

