जयपुर : शहर में एक अविवाहित युवक को उसकी शादी करवाने का झांसा देकर मोटी रकम हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक से महिला दलाल और उसके साथियों ने 1.70 लाख रुपए में सौदा किया। विश्वास बनाने के लिए 10 हजार रुपए कम कर दिए। रुपयों का इंतजाम करने के लिए झांसे में आए युवक ने गांव में जमीन गिरवी रखकर डिमांड पूरी की। इसके बाद दलाल गैंग 80 हजार रुपए एडवांस वसूल कर उसे उत्तरप्रदेश ले गए। बनारस में एक होटल में ठहरा कर पीड़ित को लड़की दिखाई। कानूनी दस्तावेज तैयार करवाकर सगाई की रस्म अदायगी करवाई और बाकी रकम 80 हजार रुपए भी वसूले।
इसके बाद लड़का अपने पांच रिश्तेदारों के साथ लड़की के घर शादी करने पहुंचा तो दुल्हन के भागने का पता चला। यही नहीं, वहां से महिला दलाल ने बिहार में दलाल के मार्फत संपर्क कर दूसरी लड़की से शादी करवाने का झांसा दिया। इसकी एवज में 70 हजार रुपए एडवांस मांगे। पीड़ित रुपए नहीं दे सका तो बहाना बनाकर बिहार से जयपुर ले आई। यहां रकम हड़पकर शादी करवाने का झांसा देती रही। आखिरकार छह महीने से परेशान पीड़ित ने भट्टा बस्ती थाने में 13 अक्टूबर को केस दर्ज करवाया है।
यह है पूरा मामला
ठगी की वारदात जयपुर में भट्टा बस्ती स्थित लंकापुरी में रहने वाले हरिराम (40) के साथ हुई। उसकी वह मकान निर्माण का काम करता है। इसी साल अप्रेल महीने में नरेना में रहने वाले उसके रिश्तेदार मुकेश कुमार के मार्फत पीड़ित हरीराम का फुलेरा निवासी आरोपी सुशीला शर्मा से संपर्क हुआ। उसने यूपी में एक लड़की से शादी करवाने का आश्वासन दिया और 5000 हजार रुपए की फर्जी रसीद काट दी, जो किसी संस्था के नाम से बनी थी। इसके बाद सुशीला ने हरीराम से शादी करवाने के लिए 1.70 लाख रुपए की डिमांड की। शादी का खर्चा उसी को उठाने के लिए कहा। फिर बातचीत में 10 हजार रुपए कम कर 1.60 लाख रुपए देने की बात पक्की की।
9 अप्रेल को 80 हजार रुपए एडवांस लेकर बनारस ले गई
9 अप्रेल को हरीराम का रिश्तेदार मुकेश कुमार आरोपी सुशीला शर्मा व उसके भाई पवन शर्मा को लेकर भट्टा बस्ती में हरीराम के घर पहुंचा। यहां बातचीत के बाद मुकेश के कहने पर हरीराम ने 80 हजार रुपए एडवांस पवन कुमार शर्मा व सुशीला शर्मा को दे दिए। ये रकम उन्होंने अपने ड्राइवर महेंद्र को दे दी। इसके बाद सुशीला व पवन ने यूपी में मौजूद दलाल अमित से बातचीत की। उसी दिन उत्तरप्रदेश के लिए रवाना हो गए। हरीराम के साथ उसका भाई श्योजीराम सहित पांच रिश्तेदार भी थे। वे गाड़ी किराए पर लेकर बनारस पहुंचे।
होटल में सगाई की रस्म पूरी कर शगुन के तौर पर दिए 251 रुपए
वहां एक होटल में ठहरे। वहां सुशीला व पवन ने अमित के मार्फत दो कमरे बुक करवाए रखे थे। एक कमरे में सुशीला शर्मा और पवन कुमार शर्मा ठहरे थे। दूसरे कमरे में हरीराम और उसके रिश्तेदार ठहर गए। इसके बाद 10 अप्रेल को दोपहर 2 बजे बाद लक्की नाम की लड़की के घर पहुंचे। तब 22 वर्षीया लड़की से सगाई की रस्म के तौर पर एक मिठाई का डिब्बा और 251 रुपए दिलवाए गए। शादी करने का एग्रीमेंट एक स्टांप पर तैयार करवाया गया। हरीराम और उसके रिश्तेदारों की आईडी भी सुशीला ने लेकर अपने पास रख ली।
बकाया पेमेंट लेकर शादी करने पहुंचे तो दुल्हन गायब मिली
11 अप्रेल को सुबह 7 बजे सुशीला ने मध्यस्थ मुकेश के मार्फत बकाया पेमेंट 80 हजार रुपए भी वसूल कर लिया। इसके बाद पीड़ित हरीराम व उसके पांच रिश्तेदार दोपहर 2 बजे शादी के लिए दुल्हन के घर पहुंचे। वहां मकान का दरवाजा बंद मिला। सुशीला ने दलाल अमित को फोन किया। उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। तब पता चला कि दुल्हन घर से भाग निकली है।
बिहार में दलाल के मार्फत शादी की बात कहकर मांगे 70 हजार रुपए
इसके बाद सुशीला ने हरीराम को बिहार में एक दलाल के मार्फत शादी करवाने का झांसा दिया। सुशीला अपने साथ हरीराम व अन्य को बिहार लेकर चली गई। वहां भी हरीराम से 70 हजार रुपए की डिमांड की। तब पीड़ित ने कहा कि अब हमारे पास कुछ नहीं है। तब सुशीला ने हरीराम को 4 दिन में शादी करवाने का झांसा देकर बिहार से जयपुर ले आई। पीड़ित ने बताया कि बिहार और बनारस जाने में उसके 34 हजार रुपए गाड़ी का खर्चा आया। 32 हजार रुपए होटल में खर्च हो गए। लड़की वालों का खर्चा भी पीड़ित ने ही उठाया।
लॉकडाउन की बात कहकर देती रही झांसा
इसके बाद 22 अप्रेल को सुशीला से फोन पर संपर्क किया तो कहा कि लॉकडाउन की वजह से लड़की वाले जयपुर नहीं आ सकेंगे। हमें दोबारा उत्तरप्रदेश चलना पड़ेगा। उसके कहने पर हरीराम ने 5 हजार रुपए के टिकट बुक करवा दिए। वे लोग 29 अप्रेल को जयपुर से यूपी के लिए रवाना होने लगे तो सुशीला ने कहा कि उत्तरप्रदेश में सख्त लॉकडाउन लग रहा है। इसलिए वह यूपी नहीं जा सकते है। इस तरह लगातार झांसा देती रही। सुशीला ने शादी नहीं करवाई और रुपए भी हड़प लिए।

