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इंजीनियर-डॉक्टर बन शादी का देता था झांसा, 100 महिलाओं से करोड़ों लूटे

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नई दिल्ली : दिल्ली की शाहदरा पुलिस ने एक ऐसे विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसने शादी का झांसा देकर 100 से ज्यादा महिलाओं से 25 करोड़ की ठगी की है. पुलिस ने मास्टरमाइंड के अलावा उसका साथ देने वाले दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वह महिलाओं से मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये कॉन्टैक्ट करता था. आरोपी ऑनलाइन ही दोस्ती कर लेता था और उसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे पैसे निकलवा लेता था और फिर बात करना बंद कर देता था. कुछ दिनों पहले शाहदरा जिले के जगतपुरी थाने में एक 35 साल की महिला ने शिकायत दी कि कुछ दिन पहले एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए मनमीत से उसका कॉन्टैक्ट हुआ.

धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई और चैटिंग भी शुरू हो गई. अचानक से 1 दिन मनमीत ने महिला से बोला कि वह किसी परेशानी में फंस गया है, उसके बैंक के अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं और उसे पैसों की सख्त जरूरत है. यह सुनकर महिला ने कुछ पैसे उसके बताए बैंक के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए.इसके बाद किसी ना किसी बहाने उस शख्स ने महिला से लगभग 15 लाख रुपये ले लिए. यहां तक कि महिला ने अपने सारे सोने के जेवरात गिरवी रखकर उसे पैसे दे दिए. महिला ने शिकायत में पुलिस को बताया कि सारे पैसे दे देने के बाद उस शख्स ने उससे कॉन्टैक्ट खत्म कर दिया.महिला की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने उन बैंक अकाउंट की डिटेल निकाली जिनमें महिला ने पैसे ट्रांसफर किए थे. जांच में पुलिस को पता चला कि एक बैंक अकाउंट दिल्ली का भी है और पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी एक स्वाइप मशीन का भी इस्तेमाल करता है.

लॉरेंस चिके, औदुंडे ओकुण्डे और दीपक गिरफ्तार

इन्हीं सबूतों और सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़ में आये आरोपियों में दो विदेशी नागरिक हैं, जबकि एक दिल्ली का रहने वाला है, जिसका काम कैश को अपने अकाउंट में जमा करवा कर कमीशन काटकर आगे देने का था. आरोपियों के नाम लॉरेंस चिके, औदुंडे ओकुण्डे और दीपक हैं.

ऐसे जाल में फंसाते थे

पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों विदेशी नागरिकों ने अलग-अलग मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर एनआरआई के नाम से प्रोफाइल बनाते थे. इसी तरह का एक फेक प्रोफ़ाइल मनमीत के नाम से भी बना रखा था. प्रोफेशन के तौर पर खुद को डॉक्टर और इंजीनियर बताते. इनके निशाने पर 35 साल से 40 साल के आसपास की उम्र की महिलाएं होतीं. एक बार बातचीत शुरू हो जाने पर यह महिला का विश्वास जितने की कोशिश करते और उसके बाद खुद को मुसीबत में फंसा बता कर किसी न किसी बहाने पैसे निकाल लेते. जो भी पैसे मिलते यह दोनों उस पैसे को नाइजीरिया में अपने परिवार वालों के अकाउंट में डाल देते थे.

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