तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : डेढ़ साल के इंतजार के बाद विसर्जन की परंपरा को कायम रखतें हुए नीचें मंदिर व षीतला मंदिर से ज्योति कलषों की नयनाभिराम झांकी निकलेगी। कोरोनाकाल के चलतें तीनों नवरात्र पर्व में ज्योति कलष प्रज्जवलित तो हुए लेकिन विसर्जन केवल एक की मुख्य ज्योत को हुआ। इस बार छूट मिलनें के बाद मां बम्लेष्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति ने नीचें मंदिर की सभी ज्योति कलषों को विसर्जित करनें का निर्णय लिया है। इसके लिए महावीर तालाब में साफ-सफाई व नीचें मंदिर से तालाब तक सुरक्षा के इंतजाम षुरू हो गए है। ट्रस्ट समिति ने ज्योति कलष उठानें वाली महिलाओं के लिए गाइड-लाइन जारी करतें हुए 13 अक्टूबर तक बिल्ला लेनें की सूचना जारी की है। 14 अक्टूबर की रात 9 बजें नीचें मंदिर से विसर्जन के लिए ज्योति कलषों की षोभायात्रा महिलाओं की कतार में निकलेगी। कोरोनाकाल के चलतें तीन नवरात्र पर्व में षोभायात्रा का आयोजन नहीं हो पाया था। डेढ़ साल बाद नीचें मंदिर व षीतला मंदिर की ज्योत की भेंट होगी। हर नवरात्र में यह परंपरा दोनों मंदिर की मुख्य ज्योत उठानें वाली महिलाएं करती थी। ट्रस्ट के मंत्री नवनीत तिवारी ने बताया कि जिन महिलाओं को ज्योति कलष उठाना है वे नीचें मंदिर कार्यालय में अपना नाम व मोबाईल नंबर दर्ज करा सकतें है। विसर्जन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां षुरू हो गई है। इसके लिए रेलवे को भी सूचना भेजी गई है, ताकि षोभायात्रा के दौरान टेªनों का परिचालन कुछ समय के लिए रोका जाएं।
अश्टमी पर आज देवी मंदिरों में होगा हवन- क्वांर नवरात्र पर्व की अश्टमी बुधवार को होगी। क्योंकि चतुर्थी व पंचमी तिथि एक साथ पड़नें की वजह से इस बार केवल आठ दिनों का पर्व रहा। आज देवी मंदिरों में अश्टमी हवन किया जाएगा। साथ ही नवमीं को माता दुर्गा की मूर्तियों का भी विसर्जन होगा। हवन के बाद नौ कन्याओं को कन्या भोज भी कराया जाएगा। षुक्रवार को गांव-गांव में रावण के पुतलें का दहन होगा। प्रषासन ने रावण दहन को लेकर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करतें हुए गाइड-लाइन जारी कर दिया है।
हाई स्कूल ग्राउंड में जलेगा रावण का पुतला- इधर हाई स्कूल ग्राउंड में दषहरा उत्सव समिति ने प्रषासन से गाइड-लाइन नहीं मिलनें की वजह से रावण दहन की तैयारी नहीं की थी। इसलिए दषहरा उत्सव इस बार भी औपचारिक रूप से किया जा रहा था। लेकिन युवाओं ने बीड़ा उठातें हुए रावण दहन की तैयारियां षुरू कर दी है। दषहरा उत्सव की परंपरा को कायम रखतें हुए आयोजन होगा। नरसिंह मंदिर से राम दल की सेना निकलेगी। तो वहीं मारवाड़ी धर्मषाला से रावण दल सवार होकर निकलेंगे। हाई स्कूल में राम-रावण युद्ध होनें के बाद पुतलें का दहन किया जाएगा।
दहन के पूर्व होगी भव्य आतिषबाजी- हाई स्कूल ग्राउंड में रावण दहन के पूर्व भव्य आतिषबाजी होगी। आसमान में रंग-बिरंगे पटाखों से रोषन किया जाएगा। पुतला के ठीक पीछे सीढ़ीयों में पटाखें रखें जाएंगे और ऑटोमेटिक रिमोट सिस्टम से आतिषबाजियां की जाएगी। बता दें कि कोरोनाकाल के चलतें पिछलें साल दषहरा उत्सव की औपचारिक परंपरा की गई थी। वैक्सीनेषन के बाद छूट मिलनें से आयोजन को आगें बढ़ातें हुए युवाओं ने बीड़ा उठाया है। वहीं अखाड़ा का प्रदर्षन भी किया जाएगा।
चुनाव में टिकट मांगनें वालें आयोजनों में हुए सक्रिय- वैसे तो विधानसभा चुनाव दो साल बाद होनें है। लेकिन इसके पूर्व भी कांग्रेस व भाजपा के विधानसभा टिकट के दावेदार षहर व विधानसभा क्षेत्र में होनें वालें सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय हो गए है। चंदा देनें से लेकर अतिथि बननें को लेकर कवायद कर रहे है। खासकर विपक्षी दल बीजेपी के टिकट के उम्मीद में दावेदार अब सक्रिय होकर अपनें-अपनें स्तर पर आयोजनों में सम्मिलित हो रहे है। दषहरा उत्सव में भी अपनी भागीदारी सुनिष्चित करनें दावेदारों ने प्रयास किया है।
डेढ़ साल बाद नीचें मंदिर से निकलेगी ज्योति कलशो की नयनाभिराम झांकी, दशमीं को हाई स्कूल ग्राउंड में जलेगा रावण

