- पंचकर्म का कमाल, कमर दर्द, साइटिका, आर्थराइटिस, लकवा, स्लिप डिस्क, माइग्रेन पेन, मिर्गी, हायपरटेंशन, साइनस आदि के मरीजों के लिए कमाल की थैरेपी
- जिला आयुर्वेदिक हास्पिटल के पंचकर्म केंद्र में हर दिन 40 मरीज ले रहे लाभ
तापस सन्याल /दुर्ग : केस 1- सर्जरी आप्शन नहीं चुनना पड़ा, शिरोधारा से कमर दर्द में 70 फीसदी लाभ- कांदबरी नगर के निवासी सागर गोयल आज पंचकर्म केंद्र में शिरोधारा करा रहे थे। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे टिंबर व्यवसायी हैं और पिंछले दस सालों से कमर दर्द से पीड़ित हैं। जब गर्दन में भी समस्या शुरू हुई तो एमआरआई कराई। रिपोर्ट में स्लिप डिस्क की समस्या पाई गई। एलोपैथी के छह डाक्टरों से सलाह ली। उन्होंने बताया कि समस्या गंभीर है और राहत केवल सर्जरी से ही संभव है। किसी परिचित ने पंचकर्म केंद्र में जाकर इलाज कराने की सलाह दी। दस रुपए में पर्ची कटाई। अभी दस दिन हो गये हैं। उन्होंने बताया कि गर्दन का दर्द 90 फीसदी जा चुका है। कमर का दर्द लगभग 70 फीसदी तक घट गया है। शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी डॉ. अमित द्विवेदी ने बताया कि इन्हें चक्रधारा से ट्रीट किया गया।
केस 2- लकवा हुआ तो पहले दो लोगों के सहारे आती थीं, अब केवल एक के सहारे अस्पताल पहुँच जाती हैं- रेखा देवांगन सर्वांग स्वेदन कराने पंचकर्म केंद्र में आई। उन्होंने बताया कि पहले दो लोगों के सहारे ही चल पाती थी। अब केवल एक का सहारा लगता है। धीरे-धीरे आराम हो रहा है। लकवा के केस में रिकवरी थोड़ी धीमी होती है लेकिन पूरा समय देने पर बहुत अच्छी रिकवरी हो जाती है।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के पंचकर्म केंद्र से हर दिन 40 मरीज बेहतर स्वास्थ्य का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

