रायपुर : सरकार बनाने के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है। कांग्रेस ने एक व्यक्ति एक पद का फार्मूला लागू करते हुए निगम-मंडलों में जगह पा चुके पदाधिकारियों को बदल दिया है। खास बात यह है कि बदलाव की सूची कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से जारी की गई है। इसमें पहली बार बदले हुए अधिकारियों का भी नाम दिया गया है। कांग्रेस में लंबे समय से संचार विभाग की जिम्मेदारी निभाने वाले शैलेष नितिन त्रिवेदी को बदलकर उनकी जगह मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला को जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की नाराजगी के बाद जांजगीर-चांपा के जिलाध्यक्ष चोलेश्वर चंद्राकर को हटाकर उनके स्थान पर राघवेंद्र सिंह को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बता दें कि एक व्यक्ति एक पद फार्मूले को लेकर काफी विवाद की स्थिति बनी थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष का खेमा आमने-सामने हो गया था। यही वजह है कि सूची जारी होने में लगातार विलंब हो रहा था।
सीएम के खास गिरीश देवांगन बदले
कांग्रेस संगठन ने चार उपाध्यक्षों को बदला है। इसमें मुख्यमंत्री के खास रहे गिरीश देवांगन को बदल दिया गया। देवांगन को खनिज विकास निगम का अध्यक्ष बना गया था। उनके स्थान पर अरुण सिंघानिया की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा अटल श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह और पद्मा मनहर को भी बदला गया है। इनमें भी निगम-मंडल में जगह दी गई थी। इनके स्थान पर पूर्व सांसद पीआर खुंटे, पूर्व विधायक अम्बिका मरकाम और बिलासपुर की पूर्व महापौर वाणी राव को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
संगठन ने तीन महासचिव भी बदले हैं। द्वारिकाधीश यादव, उत्तम वासुदेव और पंकज शर्मा को महासचिव पद से हटाकर वासुदेव यादव, अमरजीत चावला और सुमित्रा धृतलहरे को यह जिम्मेदारी दी गई है। भिलाई शहर का कांग्रेस अध्यक्ष अब मुकेश चंद्राकर को बनाया गया है। वे तुलसी साहू की जगह लेंगे। साहू को महिला आयोग का सदस्य बनाया गया है। कोरबा ग्रामीण से मोहित केरकेट्टा को हटाकर सुरेंद्र जायसवाल को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, बिलासपुर में विजय केशरवानी की जगह विजय पांडेय को जिलाध्यक्ष बना दिया गया है।

