अक्कू रिजवी/कांकेर : कांकेर जिला मुख्यालय में आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपने वर्षों पुरानी मांगों को ले कर प्रदर्शन किया तथा तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। आंगनवाड़ी में काम करने वाली महिलाओं का कथन है कि उनकी मांगों पर वर्षों से ध्यान नहीं दिया जा रहा है जबकि सारी मांगें वाजिब है । उन्हें न कोई प्रमोशन है ना कोई मेडिकल कोटा बल्कि उन्हें शासकीय कर्मचारी भी नहीं माना जा रहा है और काम बहुत अधिक लाद दिए जाते हैं। यह अन्याय दूर होना चाहिए। ज्ञापन के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महिलाओं की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:-
सबसे पहले तो उन्हें केंद्र सरकार शासकीय कर्मचारी घोषित करे और जब तक यह घोषणा नहीं की जाती तब तक कलेक्टर दर पर पारिश्रमिक दिया जाए। मिनी आंगनबाड़ियों को पूर्ण आंगनबाड़ी बनाया जाए। हड़ताल तथा बर्खास्त अवधि का मानदेय दिया जाए। पूर्व में बढ़ाए गए मानदेय का एरियर्स भुगतान तत्काल किया जाए। सेवा समाप्ति के पश्चात आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5,00,000 /-तथा सहायिका को 3,00,000/- दिया जाए। सभी जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल तथा मोबाइल भत्ता प्रदाय किया जाए । जब तक मोबाइल प्रदाय नहीं किया जाता तब तक ऑनलाइन कार्य हेतु दबाव ना डाला जाए। आंगनबाड़ी कर्मचारियों के इस प्रदर्शन एवं ज्ञापन पर जनचर्चा सुनकर ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों की सहानुभूति इन महिलाओं के साथ पूरी तरह से है और आम जनता चाहती है कि छत्तीसगढ़ सरकार तो इनके साथ इंसाफ करे।

