प्रांतीय वॉच

कलेक्टर के निर्देश पर भिलाई के उद्यानों में आएगी बहार, निगमायुक्त ने उद्यानों का किया निरीक्षण

Share this
  • बारिश के कारण उग आई अनावश्यक झाड़ियों सहित पूरे उद्यानों की हो रही है सफाई, उद्यानों को गुलजार करने की दिशा में निगम कर रहा है काम

 तापस सन्याल/भिलाई नगर : कलेक्टर एवं भिलाई निगम के प्रशासक डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश पर निगम आयुक्त  प्रकाश सर्वे ने उद्यानों को गुलजार करने की ठान ली है! बारिश के कारण उग आई अनावश्यक झाड़ियों सहित पूरे उद्यान की सफाई की जा रही है! आयुक्त ने आज उद्यानों को व्यवस्थित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया, उन्होंने जोन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यान के पूरे स्थल सहित पाथवे की अच्छे से सफाई कराएं उद्यान सुव्यवस्थित तरीके से हो! निगम एवं बीएसपी क्षेत्र में निगम द्वारा निर्मित विकसित एवं अर्ध विकसित उद्यानों की सफाई निगम कर रहा है!

कोरोना काल के दौरान ज्यादा आवाजाही वाले उद्यानों को बंद करने का फैसला लिया गया था! परंतु कोरोना संक्रमण की कमी के चलते उद्यानों को पुन: निर्धारित समय के साथ खुलने के अनुमति दी गई है! अब उद्यानों को फिर से व्यवस्थित किया जा रहा है! भिलाई निगम क्षेत्र अंतर्गत उद्यान फिर से गुलजार होंगे जहां बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी वर्ग के लोग उद्यान में आनंद ले पाएंगे! निगम ने उद्यानों के रखरखाव के लिए निविदा पुन: जारी कर दिया है, निविदा की विभागीय प्रक्रिया जारी रहने तक इस दौरान में उद्यानों की सफाई अभियान चलाकर भिलाई निगम के द्वारा की जा रही है! बारिश की वजह से उद्यानों में अनावश्यक झाड़ियां उग आई है, घास भी बड़े हो गए हैं, ऐसे में उद्यान विभाग द्वारा गार्डन की संपूर्ण सफाई की जा रही है!

पाथवे की सफाई, झाड़ियों की कटाई, बड़े वृक्ष के फैले हुए शाखाओं की छटाई, घास की कटाई, हेज की कटाई विभागीय तौर पर हो रही है, इसके लिए झाड़ी एवं घास कटाई मशीन भी क्रय की गई है, निगम क्षेत्र के अंतर्गत बहुतायत गार्डन की सफाई की जा चुकी है! वहीं विकसित उद्यानों के निरंतर देखरेख के लिए तथा विकसित 72 उद्यानों के रखरखाव, उद्यानों में सफाई, झाड़ियों की कटाई, घास की कटाई, पाथवे सफाई एवं पौधों में सिंचाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए निविदा जारी किया गया है! निगम के कुछ गार्डन को सामाजिक संस्थाओं ने रखरखाव के लिए लिया है जिसका मेंटेनेंस सामाजिक संस्थाओं के द्वारा किया जा रहा है!

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *