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CG PSC 2019: जेलर पति से आगे निकलीं डीएसपी पत्नी, देखें टाप 10 में किसने बनाई जगह

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बिलासपुर: शहर में पदस्थ डीएसपी सृष्टी चंद्राकर ने पीएससी की परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, उनके पति सोनल डेविड ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इससे पहले दोनों 2015 में पीएससी में सफल हुए थे। दोनों का चयन सहायक जेल अधीक्षक के रूप में हुआ था। इसके बाद सृष्टि चंद्राकर 2016 में सफल होते हुए डीएसपी के पद पर चयनित हुईं। टाप टेन सूची में बिलासपुर के गगन शर्मा ने चतुर्थ स्थान हासिल किया है। महासमुंद में नायब तहसीलदार के पद पर रहते हुए उन्होंने निरंतर पढ़ाई करते हुए सफलता को छुआ है। चकरभाठा सीएसपी सृष्टि चंद्राकर ने इस साल भी पीएससी की मेंस की परीक्षा दी है। वहीं, उनके पति भी पीएससी प्री को पास कर मेंस की परीक्षा में शामिल हुए थे। सहायक जेल अधीक्षक सोनल डेविड ने बताया कि 2015 में सहायक जेल अधीक्षक चयनित होने के बाद वे लगातार पीएससी की परीक्षाएं दे रहे हैं। 2017 में उनका चयन सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख में भी हुआ था। इसमें उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। वहीं, उनकी पत्नी भी इस परीक्षा में शामिल हो रही हैं।

इस बार दोनों पति-पत्नी ने पीएससी में दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है। डीएसपी सृष्टि चंद्राकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद 2012 में पहला इंटरव्यू दिया था। इसमें वे सफल नहीं हो पाई। इसके बाद 2015 में उनका सहायक जेल अधीक्षक के रूप में चयन हुआ था। अब वे दूसरे स्थान के साथ वे डिप्टी कलेक्टर बनेंगी। सोनल के पिता और सृष्टि के ससुर सुनील डेविड इसी साल 30 जून को डीएसपी के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं।

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गगन ने कहा-पढ़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति ने बनाया टापर

नईदुनिया से बातचीत करते हुए गगन ने बताया कि उनका पूरा परिवार गंगा नगर सेक्टर दो में निवासरत है। पिता प्रभात कुमार सीएसईबी में कार्यरत हैं। मां मंजू शर्मा गृहणी है। एक छोटा भाई अभिनव वर्तमान में हिदायतुल्ला विश्वविद्यालय रायपुर में विधि संकाय में पढ़ाई कर रहा है। परिवार में एक छोटी बहन भी है जिसकी शादी हो चुकी है। गगन ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छाशक्ति बचपन से थी।

रायगढ़ में कक्षा दसवीं तक की पढ़ाई करने के बाद बिलासपुर में कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई बर्जेस हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। एनआइटी रायपुर से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया। सिविल इंजीनियर के रूप में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पीएससी की तैयारी में जुट गए। वर्ष 2014 में उन्हें सफलता मिली और वे नायब तहसीलदार बने। सफलता फिर भी अधूरी थी। यही वजह है कि वह लगातार तैयारी करते रहे। नायब तहसीलदार के पद पर रहते हुए दिन में पढ़ाई के लिए अलग से समय निकाला। नतीजा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 में उन्हें तीसरा स्थान मिला।

मंजिल हासिल करने नहीं की शादी

गगन अभी 33 साल के युवा हैं। उन्होंने अभी तक शादी नहीं की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में और आगे बढ़ने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। इस वजह से वैवाहिक बंधन में नहीं बंधे।

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