रायपुर। रायपुर नगर निगम गार्डन को ठेके पर देने के बाद अब शहर के 30 और बड़े गार्डन को ठेके पर देने की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है।निगम की उद्यानिकी विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्य अभियंता को भेजा है। वहां से हरी झंडी मिलते ही फाइल निगम आयुक्त के पास भेजा जाएगा। इसके बाद , देखरेख करने निजी कंपनी को ठेका पर देने टेंडर निकाला जाएगा। रायपुर नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक शहर में नगर निगम के 189 गार्डन हैं,इनमें से 80 गार्डन पूरी तरह सुसज्जित हैं और उनकी देखरेख सालों से हो रही है। गार्डनों के रखरखाव में हर महीने 30 लाख लाख रुपये का खर्च होता है। यानि एक गार्डन में करीब 30 हजार रुपये का खर्च निगम को करना पड़ रहा है। इस खर्च को बचाने के लिए ही निगम ने पिछले दिनों इसकी शुरुआत नगर निगम के गार्डन से की। इस गार्डन को सलाना सात लाख रुपये में गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ठेके पर दिया गया है। यह ठेका कंपनी निगम गार्डन के पांच फीसद हिस्से में चाट-गुपचुप के ठेले, पकौड़े इत्यादि के ठेले या स्टाल किराए पर लगवायेगी और पैसा भी खुद रखेंगी। ठेका कंपनी को गार्डन सारी सुविधाओं के साथ वाई-फाई भी निशुल्क उपलब्ध करायेंगी।गार्डन का मेंटेनेंस कंपनी के जिम्मे होगा। घूमने आने वालों से वाहनों की पार्किंग शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। शहर के गार्डनों का रखरखाव करने निगम की उद्यानिकी विभाग के पास वर्तमान में 85 कर्मचारी है,जबकि जरूरत 250 कर्मचारियों की है।रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड वर्तमान में बूढ़ातालाब गार्डन, मोतीबाग और आक्सीजोन आदि गार्डनों की देखरेख कर रहा है।अधिकारियों का कहना है कि गार्डनों को आत्मनिर्भर बनाने यानी देखरेख का खर्च खुद निकालने के लिए ठेके पर देने की योजना लाई गई है।एक गार्डन से निगम को कम से कम सलाना दो लाख रुपए लाइसेंस फीस मिलेगी। इस पैसे से सभी गार्डन का रखरखाव किया जा सकेगा।
इन गार्डनों को ठेके पर देने का प्रस्ताव
जिन प्रमुख गार्डनों को निजी कंपनी को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है,उनमें गांधी उद्यान, अनुपम गार्डन, रविशंकर शुक्ल गार्डन शंकरनगर, चैतन्य गार्डन देवेंद्रनगर आदि है।
10 पार्षदों की बनेगी टीम
शहर विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सुझाव के लिए दोनों दलों के पांच-पांच पार्षदों की टीम बनाने की योजना हैं।दोनों दलों के पार्षदों से चर्चा उपरांत ही फैसले लेने की बात महापौर एजाज ढेबर ने कही थी।इधर भाजपा पार्षद दल के प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे ने सत्ता पक्ष पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विरोध के बाद भी सत्तापक्ष गार्डनों को ठेके पर देने का काम कर रहा है। इससे गार्डन का वातावरण दूषित होगा, बदबू फैलेगी। लोग परिवार के साथ गार्डन नहीं जा सकेंगे। चाट-गुपचुप ठेले लगने से अतिक्रमण शुरू हो जाएगा।
वर्जन-
शहर के 30 और गार्डनों का उचित रखरखाव करने निजी कंपनी को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। गार्डन के सिर्फ पांच फीसद हिस्सा ही कंपनी को विभिन्न गतिविधियां संचालित करने दिया जाएगा।
-सुरेश चन्नावार, वार्ड पार्षद एवं अध्यक्ष, उद्यानिकी विभाग रायपुर नगर निगम

