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रायपुर के जंगल सफारी में लोमड़ी के बाड़े को दिया जाएगा नया रूप, जू कीपर की संख्या में होगा इजाफा

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रायपुर। रायपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी के बाड़े से छलांग लगाकर लोमड़ी का जोड़ा भाग गया था। जंगल सफारी के अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद लोमड़ी के जोड़े को पकड़ा गया। उसके बाद विभाग ने सेंट्रल जू एथार्टी से बाड़े के माडिफिकेशन के लिए अनुमति मांगी है। इसके साथ ही जू कीपरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बाड़े के माडिफिकेशन के लिए अनुमति मांगी गई है, अनुमति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञात हो कि जंगल सफारी प्रबंधन ने करीब 20 अगस्त को बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी से लोमड़ी का जोड़ा लाया था। जिस बाड़े में लोमड़ी के जोड़े को रखा गया था, उसकी ऊंचाई छह फीट है। उसके बाद बारवेट वायर लगाया था। लोमड़ी का जोड़ा छह फीट तक छलांग लगाकर दीवार पर चढ़ गया और बारवेट वायर में घुसकर बाहर निकल गया था। लोमड़ी के जोड़े गायब होने की सूचना पर प्रबंधन के हाथ पांव-फूल गए थे। सफारी परिसर के सभी अधिकारी-कर्मचारी लोमड़ी की तलाश में जुट गए थे। दो दिन की मशक्कत के बाद लोमड़ी के जोड़े को पकड़ने में विभाग सफल हुआ था। उसके बाद विभाग ने लोमड़ी जोड़े को बड़े बाड़े की जगह रात में नाइट शेल्टर में तथा दिन में डे क्राल में रखा गया है। दोनों जू कीपर की निगरानी में रहते हंै। सफारी प्रबंधन के मुताबिक जू में रह रहे वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जू कीपर की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही जू में आने वाले पर्यटकों द्वारा जानवरों से छेड़खानी करने से वह विचलित होते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों के लिए गाइडलाइन जारी किया जाएगा। गाइडलाइन में एनिमल के साथ छेड़खानी पर सख्ती बरती जाएगी।

अनुमति मांगी गई है

लोमड़ी के बाड़े के माडिफिकेशन के लिए अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही उसका काम शुरू कर दिया जाएगा।

-एम. मर्शीवेला, डीएफओ जंगल सफारी

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