कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से आयोजित आनलाइन प्रतियोगिता में बिलासपुर साइबर सेल में पदस्थ एसआइ मनोज नायक को सातवां स्थान मिला है, यह प्रतियोगिता साइबर अपराध में साक्ष्य संकलन को लेकर आयोजित की गई थी। इसमें देशभर के एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। वहीं प्रदेश के 25 पुलिस कर्मी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे थे। इसमें भारत के गृह मंत्रालय की ओर से प्रदेश के एकमात्र एसआइ मनोज नायक को सातवां स्थान दिया गया है.. साइबर सेल में पदस्थ एसआइ मनोज नायक ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से आनलाइन केप्चर द एविडेंस प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें एक काल्पनिक कंपनी के डाटा चोरी होने का सीन दिया गया था। पूरे मामले को 24 घंटे में सुलझाने का समय दिया गया। प्रतियोगिता में देशभर के पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। शामिल एसआइ मनोज नायक ने इस मामले में जांच करते हुए अधिकतम साक्ष्य संकलन करते हुए आरोपित व्यक्ति की पहचान की साथ ही उसके खिलाफ फोरेंसिक साक्ष्य संकलित किया,प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार एसआइ मनोज नायक सातवां स्थान दिया गया है..
पीड़ित को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण
किसी भी मामले में साइबर फोरेंसिक साक्ष्य महत्वपूर्ण है। अधिकतम साक्ष्य के माध्यम से आरोपित की पहचान और पीड़ित को न्याय दिलाना आसान होता है। साक्ष्य संकलन के लिए कंप्यूटर, मोबाइल, पेन ड्राइव और इंटरनेट का महत्वपूर्ण है। इसके अलावा आरोपित के इंटरनेट मीडिया अकाउंट और मोबाइल काल डिटेल से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
बिलासपुर साइबर सेल में पदस्थ एस आई मनोज नायक बने प्रदेश का गौरव

