- कुपोषण एवं एनीमिया से निदान हेतु यूनिसेफ की सहयोग से सम्-बल कार्यक्रम प्रारंभ
आफ़ताब आलम/बलरामपुर : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत 02 अक्टूबर 2019 से जून 2021 तक 14 हजार 281 कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त एवं 51 ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त पंचायत बनाया गया। अभियान अंतर्गत बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके, इसके लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका विकसित की गई तथा कुपोषित बच्चों के पालकों को प्रोत्साहित कर अपने घरों के बाड़ियों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक हरी साग-सब्जी, केला, मुनगा आदि प्रेरित कर लगवाया गया एवं उपयोग में लाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। सुपोषण अभियान अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 8 हजार कुपोषित बच्चों एवं 50 प्रतिशत पंचायतों को कुपोषण मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। कुपोषण एवं एनीमिया से दीर्घकालीन निदान हेतु यूनिसेफ की सहयोग से सम्-बल कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में स्वयंसेवी के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सहयोग करने 5 हजार 402 पोषण संगवारी का चयन कर 455 ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर की बैठक एवं 50 ग्राम पंचायतों के सरपंचों व पोषण संगवारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। सुपोषण अभियान के तहत् वर्तमान में 06 माह से 5 वर्ष के सभी बच्चों को नियमित रूप से आयरन सीरप पिलाया जा रहा है। जिले में चिन्हांकित सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भकाल के 12 सप्ताह के अन्दर पंजीयन कर टीकाकारण, स्वास्थ्य जांच, खाने में विविधायुक्त पौष्टिक आहार व्यवहार में लाने, प्रसव पूर्व तैयारी, शत् प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के 01 घण्टे के अन्दर स्तनपान सुनिश्चित कराने, 6 माह तक केवल स्तनपान, 6 माह के बाद उपरी आहार प्रारंभ करने व विविधायुक्त पौष्टिक भोजन, बच्चों को खिलाने में आदत डालने, चिन्हांकित कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त होने तक पोषण संगवारी की निगरानी, 1 लाख 73 हजार 206 घरों में पोषण वाटिका तैयार कराने तथा शत् प्रतिशत कुपोषित बच्चों को एन.आर.सी. में भर्ती कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिले के समस्त विकासखण्डों में प्रत्येक माह कुल 120 कुपोषित बच्चों को एन.आर.सी का लाभ दिलाया जा रहा है।

