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करोड़पति महिला सरपंच का खजाना: लोकायुक्त पुलिस ने की छापेमारी, साढ़े 3 करोड़ के 2 बंगले, 7 करोड़ के दो क्रशर और 30 लग्जरी गाड़ियां, 36 प्लॉट भी परिवार के नाम, लाइम स्टोन है काली कमाई का सबसे बड़ा जरिया

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रीवा : रीवा के बैजनाथ गांव की सरपंच सुधा सिंह परिहार के घर लोकायुक्त पुलिस ने छापेमारी की है। टीम को अब तक 12 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला है। दो आलीशान बंगलों की कीमत ही साढ़े तीन करोड़ रुपए है। एक बंगला एक एकड़ में बना है, जिसमें गार्डन और स्विमिंग पूल भी है। 36 प्लाट के कागजात मिले हैं, जिसमें अब तक सिर्फ 12 प्लाट की कीमत 80 लाख रुपए है। चारों ठिकानों से 30 गाड़ियां मिली हैं। घर से सोने-चांदी के जेवर भी मिले हैं। दो क्रशर प्लांट भी सरपंच के नाम पर हैं। सुधा सिंह की ज्यादातर कमाई क्रशर प्लांट और अवैध लाइमस्टोन की खुदाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार सुबह 4 बजे छापेमार कार्रवाई शुरू की है। सुधा सिंह 2015 में सरपंच बनी थीं। लोकायुक्त को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। लोकायुक्त टीम को दोनों बंगलों से 36 प्लाट के दस्तावेज मिले हैं। इसमें से सिर्फ 12 प्लाट की कीमत 80 लाख रुपए है। टीम 24 भू-खंडों का का मूल्यांकन कर रही है। अनुमान व्यक्त की जा रहा है कि इसकी कीमत 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। इसमें से दो दर्जन भूखंड रीवा शहर और आस-पास के बड़े कस्बों में हैं।

रॉयल फैमिली की तरह दिखी रईसी
लोकायुक्त सूत्रों की मानें तो महिला सरपंच सुधा सिंह का परिवार रॉयल लाइफ जीता था। घर के अंदर व बाहर कारों का काफिला है। घर के अंदर के सामान भी विदेशी हैं। साथ ही रहन-सहन और शानों शौकत देकर अधिकारियों की आंखे चकरा गई थीं, क्योंकि तीन मंजिल के ऊपर बालकनी, शानदार गार्डन, स्विमिंग पूल है।

40 सदस्यीय दल कार्रवाई में लगा
लोकायुक्त एसपी राजेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों जगहों पर दबिश कार्रवाई में 40 सदस्यीय दल लगाया गया है। शहर के शारदापुरम कॉलोनी स्थित आवास में डीएसपी डीएस मरावी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। बैजनाथ गांव में डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में निरीक्षक परमेन्द्र सिंह परिहार की टीम दस्तावेज और सोना-चांदी के जेवरों की जांच कर रही है।

क्षेत्र में लाइमस्टोन का घर-घर कारोबार
गांव वालों ने बताया कि हुजूर तहसील के बनकुईयां से लेकर बेला के पास कोठार गांव तक एक सैकड़ा से ज्यादा क्रशर संचालित हो रहे हैं। इस क्षेत्र के लोग वैध और अवैध खदानों से लाइमस्टोन पत्थर निकालकर क्रशर और निजी कंपनियों को बेचकर मनमाना पैसा कमाते हैं। रसूखदार लोगों के आगे खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन बौना नजर आता है।

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