कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में जब से भूपेश बघेल सरकार सत्ता में आयी हैं तब से कृषि एवं उनके सहायक क्षेत्रों की मजबूती एवं विकास के लिए अनेक कार्ययोजनायें बना चुकी हैं, उन्हें लागू कर चुकी हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में उनका क्रांतिकारी बदलाव भी दिखाई दे रहा हैं।
जगदीश प्रसाद कौशिक पुर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि आप भी जानते हैं कि छत्तीसगढ़ की 83% जनसंख्या सीधे तौर पर कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में आजीविका हेतु संलग्न हैं ; शेष 17% आबादी की भी अप्रत्यक्ष निर्भरता हैं। चुनौतियाँ अनेक हैं परन्तु सटीक ईलाज संजीवनी से ही हो सकता हैं। आप जानकार हैं इसलिए राज्य सरकार की इस दिशा में संजीवनी योजनाओं का नाम गिनाने की आवश्यकता नहीं हैं।क्या छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार कृषि एवं सहायक क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को चीन के मुकाबलें पर लाने की तैयारी कर रहा हैं ? क्या आने वाले समय में चीन की कृषि एवं सहायक क्षेत्रों की मजबूत अर्थव्यवस्था का भारत जब मुकाबला करेगा तब छत्तीसगढ़ पूरे देश का नेतृत्व करेगा, अग्रणी भूमिका निभायेगा ?
सवाल वाज़िब हैं और जायज़ भी ; पर यदि आपका जवाब “सहमत” आता हैं तो, क्या हम छत्तीसगढ़ के 2 करोड़ 85 लाख नागरिक इस गौरवपूर्ण चुनौती के लिए तैयार हैं ? क्या हम सब, छत्तीसगढ़ और भारतभूमि की गरिमा और सम्मान की प्रतिस्पर्धा में अपनी भागीदारी देने का संकल्प लें ?

