पुलस्त शर्मा/मैनपुर: भगवान शिव की भक्ति और अराधना को समर्पित पावन मास सावन का आज प्रथम सोमवार जहां पहले ही दिन क्षेत्र के शिव मंदिरो मे विशेष पूजा अर्चना के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने श्रध्दालु बारी बारी से पहुंचते रहे सुबह से क्षेत्र के सभी शिव मंदिरो मे हर हर महादेव बोल बम के जयकारे लग रहे थे और देर शाम तक जलाभिषेक, गंगाजल अभिषेक, पंचामृत अभिषेक, दुधअभिषेक, रूद्राभिषेक, धतूरा, बेलपत्र और फूल भगवान शिव को अर्पित करने पहुंच रहे है। क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल पैरी उद्गम मे आज अल सुबह चार बजे से श्रध्दालु प्राचीन सिध्देश्वर महादेव मंदिर मे जलाभिषेक करने कतार लगाकर भगवान शिव का विशेष पूजा अर्चना किया। आस्था का प्रतीक पवित्र सावन मास के चलते आज पहले सावन सोमवार को क्षेत्र के सभी शिवालयो मे भगवान शिव का जलाभिषेक करने कावरिंयो एवं भक्तो की भीड़ सुबह से उमड़ने लगी। सावन का पवित्र महिना आरंभ हो चुका है जिसके चलते भाठीगढ़, सिध्देश्वर धाम छुईहा, लालपथरा मौहाभाठा व मैनपुर बस स्टैण्ड स्थित प्राचीन शिव मंदिर सहित प्रमुख स्थानो पर विराजे भगवान शिव की आज सोमवार को विशेष श्रंृगार किया गया जहां प्रातः काल से ही व्रती श्रध्दालुओ व कांवरियो का तांता भगवान शिव को जल चढ़ाने व पूजा पाठ करने का सिलसिला सुबह से देर शाम तक चलता रहा। ब्लॉक मुख्यालय से 03 किमी दूर भाठीगढ़ स्थित श्री सिध्देश्वर महादेव की विशेष पूजा अर्चना की परंपरा क्षेत्र मे काफी लंबे व प्रचीन समय से चल रहा है जहां क्षेत्र मे यह आस्था का प्रमुख केन्द्र है।
सावन माह मे पैरी उद्गम मे लगता है शिव भक्तो का मेला
क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल तहसील मुख्यालय मैनपुर से तीन किमी दूर पैरी उद्गम भाठीगढ़ मे सावन के एक माह मेला जैसा महौल देखने को मिलता है प्रदेश के कोने कोने से भगवान शिव के भक्त बोल बंम के जयकारे लगाते यहां पहुचते है। बड़ी संख्या मे कांवरिया जलाभिषेक करने आते है। ज्ञात हो कि पैरी उद्गम स्थल भाठीगढ़ मे काफी प्राचीन और प्राकृतिक शिव मंदिर है इस सिध्देश्वर शिव मंदिर मे स्थापित शिव लिंग का आकार दिनो दिन बढ़ रहा है और काफी पुराना प्राचीन मंदिर होने के कारण दूर दूर से श्रध्दालु यहां पहुंचकर पूजा अर्चना करते है। इस मंदिर मे जो भी सच्चे मन से मनोकामना मांगी जाती है भगवान शिव उनके मनोकामना को पूर्ण करते है इसलिये सैकड़ो किमी से भक्त गण यहां जलाभिषेक करने पहुंचते है। मंदिर के पुजारी माखन दास वैष्णव ने बताया सावन माह की तैयारी जोर शोर से कि जा रही है यहां एक माह तक दूर दूर से श्रध्दालु आते है। वहीं भाठीगढ़ स्थित पहाड़ी से पैरी नदी का जन्म हुआ है पहाड़ी के उपर विशाल चटटान को फाड़कर पैरी नदी का धार निकल रही है जिसे लोग पैरी उद्गम के नाम से जानते है पैरी उद्गम मे मंदिर का निर्माण किया गया है जहां बड़ी संख्या मे श्रध्दालु बारहो माह पहुंचते है और यह धार्मिक स्थल के साथ साथ क्षेत्र का पर्यटन स्थल भी है भाठीगढ़ मे क्षेत्र के प्रमुख देवी देवताओ का मंदिर है जहां पूरे क्षेत्र के लोगो का गहरी आस्था का केन्द्र है।

