अक्कू रिजवी/कांकेर : महामारी कोविड-19 ने सारी दुनिया को हिला कर रख दिया है। मृत्यु संख्या सभी देशों को मिलाकर एक करोड़ से अधिक हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोविड-19 तीसरी लहर की चेतावनी दी जा चुकी है, फिर भी हमारे देश में कई स्थानों पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उदाहरण के लिए कांकेर शहर को ही लीजिए, जब भी लॉकडाउन हटता है अथवा शिथिल किया जाता है ,तो यहां की जनता यह मान लेती है कि अब मास्क की भी क्या ज़रूरत है? इसी कारण बार-बार कोविड-19 सिर उठाने लगता है और बार-बार हम सबको लॉकडाउन झेलना पड़ता है ।इस बार भी यही हो रहा है। लॉकडाउन हटते ही कांकेर की जनता में अधिकांश लोगों ने मास्क लगाना ही छोड़ दिया है। विशेषकर महिलाएं तो बिल्कुल ही मास्क लगाना पसंद नहीं कर रही हैं। ऐसे लोगों को मालूम होना चाहिए कि यह बीमारी अभी समाप्त नहीं हुई है सिर्फ़ कमज़ोर हुई है और एक बार फिर जोर पकड़ सकती है। जिसके परिणाम हम लोगों को ही सहन करने पड़ेंगे। अतः प्रशासन की सलाह मानकर मास्क का लगातार प्रयोग करना और इसे एक आदत बना लेना चाहिए । इससे न केवल आप सुरक्षित रहेंगे बल्कि मास्क बनाकर बेचने वाले छोटे छोटे दुकानदार, दर्जी आदि विशेषकर महिलाओं को रोज़गार भी मिलेगा। ज्ञात हुआ है कि शहरी क्षेत्रों में बिना मास्क वालों को जुर्माना भरने की नौबत एक बार फिर आ सकती है। इसलिए मास्क को एक आदत बना लेने में ही सबकी भलाई है।
कोविड-19 की गाइडलाइन अभी खत्म नहीं हुई मास्क लगाना भूली कांकेर की जनता, सावधानी अभी ज़रूरी

