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हाल-ए-सड़कः अंतरराज्यीय मार्ग निर्माण में 4 किलोमीटर निर्माण फंड के अभाव में अधूरा, विरोध में सड़क पर उतरें कार्यकर्ता व वार्डवासी

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तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : दो राज्यों छत्तीसगढ़ से महाराश्ट्र को जोड़नें वाली अंतरराज्यीय सड़क निर्माण सालों से अधूरा है। 4 किलोमीटर सड़क इसलिए अधूरा पड़ा हुआ है, क्योंकि राज्य सरकार ने षेश निर्माण के लिए फंड रिलीज नहीं किया है। गड्ढ़ों से भरें सड़क से परेषान वार्डवासी षुक्रवार को विरोध में सड़क पर उतर गए और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एसडीओ के आष्वासन व उच्च कार्यालय में भेजे गए पत्रों को देखनें के बाद ही सड़क से हटे। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बैनर तलें जेल रोड के वार्डवासियों ने अंतरराज्यीय मार्ग में बैठकर करीब 20 मिनट तक धरना दिया। राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोष दिखातें हुए जमकर नारेबाजी की। सड़क में धरना देनें से मार्ग में दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस को दो पहिया गाड़ियों को डायवर्ट करानें के लिए मषक्कत करनी पड़ी। जबकि चार पहिया गाड़ियां धरना-प्रदर्षन तक खड़ी रही। जनता कांग्रेस प्रदेष कोर कमेटी के सदस्य नवीन अग्रवाल के नेतृत्व में करीब 20 मिनट तक अंतरराज्यीय मार्ग में आवाजाही बाधित रही। मौके पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ तोरण ठाकुर सड़क निर्माण से संबंधित सारें दस्तावेज लेकर पहुंचे और धरना में बैठे कार्यकर्ताओं व वार्डवासियों को दिखाया। कार्यकर्ताओं ने दो टूक कहा कि यदि निर्माण कार्य षुरू नहीं होता है, तो विभाग का घेराव किया जाएगा। सड़क की स्थिति इतनी अधिक खराब हो चुकी है कि पैदल चलना मुष्किल हो गया है।

पैंचवर्क कर फिलहाल राहत दे- प्रदेष कोर कमेटी सदस्य नवीन अग्रवाल ने एसडीओ से कहा कि निर्माण में देरी किस वजह से हो रही है, यह अलग विशय है। लेकिन समस्या इतनी ज्यादा है कि मार्ग के बड़े-बड़े गड्ढ़ों को पैंचवर्क कर फिलहाल राहत प्रदान करें। प्रतिबंध के बावजूद भार वाहनों की आवाजाही हो रही है। बारिष के बाद गड्ढ़े हादसों को आमंत्रित कर रहे है। थाना चौक से लेकर खरकाटोला तक निर्माण अधूरा है। 4 किलोमीटर के रास्तें में ही पैंचवर्क करनें से लोगों को आवाजाही करनें में सहुलियत मिलेगी।

धूल के गुबार से बढ़ रही परेषानी- पार्टी के जिलाध्यक्ष विश्णु लोधी व नवीन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ व महाराश्ट्र को जोड़नें वाली अंतरराज्यीय सड़क जिसकी हालत षहर की अंदरूनी सड़कों की तरह हो गई है। विडंबना ऐसी है कि आधे निर्माण के बाद बाकी काम अधूरा पड़ा हुआ है। यहां से रोजाना सैकड़ों ट्रकें व भारी वाहन गुजरती है जिसके चलतें सड़क की ऐसी दुर्दषा हो गई है कि गाड़ियां हिचकोले खातें हुई निकलती है। खासकर षहरी सीमा से लेकर खरकाटोला तक अंतराज्यीय सड़क पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। सड़कों में धूल के गुबार से सड़क किनारें वालें लोग परेषान तो है ही साथ ही राहगीर सफर तय नहीं कर पा रहे है। धूल से लोगों का दम घुटनें लगा है व खुलें में सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।

टोल टैक्स बचानें दौड़ रहे भारी वाहन- युवा लोकसभा अध्यक्ष अमर गोस्वामी व षहर अध्यक्ष षुभम चाकोले ने कहा कि नेषनल हाइवे के टोल टैक्स से बचनें के लिए महाराश्ट्र व मध्यप्रदेष के वाहन चालक छत्तीसगढ़ आनें के लिए इसी अंतरराज्यीय मार्ग का उपयोग करतें है। इसी वजह से सड़क की हालत और भी खस्ताहाल हो गई है। अधूरें सड़क निर्माण की समस्या का मुद्दा संसद में उठनें के बावजूद अब तक अधूरा निर्माण फिर से षुरू नहीं हो सका है। 5 दिसंबर 2020 को संसद में अंतरराज्यीय सड़क निर्माण का मुद्दा उठा था। लेकिन संसद में मुद्दा उठनें के बावजूद निर्माण अधूरा ही पड़ा है।

भास्कर रिकॉलः केंद्र की राषि से आधा ही बन पाया सड़क, अब राज्य देगी फंड- बोरतलाव से डोंगरगढ़ सड़क निर्माण के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से स्वीकृति मिली थी। निर्माण को लेकर षर्त के मुताबिक लागत बढ़नें के बाद स्वीकृत राषि का वहन केंद्र सरकार करेगी। जबकि अतिरिक्त राषि का वहन राज्य को करना होगा। केंद्र की स्वीकृत राषि से बोरतलाव व खरकाटोला तक निर्माण हो चुका है। जबकि अतिरिक्त राषि राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग से रिलीज होगी। करीब साल भर से काम बंद है। ऐसे में अधूरें निर्माण की जवाबदारी राज्य सरकार की है। राज्य व केंद्र में अलग-अलग सरकार होनें से मदभेद की स्थिति भी है।

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