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किसानों का दर्द खाद कि किल्लत और कालाबाजारी, निजी दुकानों से महंगे दामों में खरीदने को मजबूर किसान

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बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून तय समय से पहले पहुंच चुका है। झमाझम बारिश होने से किसानों ने धान की बुआई रोपाई करने लगे हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में उर्वरक (खाद) उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों के पास नई मुसीबत खड़ी हो गई है। मजबूरी में किसान निजी दुकानों से महंगे दाम में खरीदने को मजबूर है। खेती बाड़ी का सीजन शुरू होते ही किसान अपने खेतों में पहुंचकर अच्छी फसल होने कि उम्मीद के सहारे मेहनत कर रहे हैं लेकिन जब उन्हें सहकारी समितियों में खाद नहीं मिलता जिसका फायदा निजी दुकानदार उठाते हैं खाद उर्वरक कि जमाखोरी करके मजबूरी का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी के लिए महंगे दामों में किसानों को बेचते हैं।मजबूरी में किसानों को 300-350 रूपए का यूरिया 600-650 में खरीदना पड़ रहा है साथ ही अतिरिक्त रूपए लगाकर किटनाशक खरीदना पड़ रहा है, सरकार और प्रशासन सहकारी समितियों में समय पर खाद उपलब्ध करा देते तो किसानों को सही रेट में खाद मिल जाता।

रामानुजगंज सहकारी समिति में उर्वरक खाद की किल्लत से किसान परेशान है। खेती बाड़ी के सीजन में किसानों को खाद कि जरूरत होती है, लेकिन सहकारी समिति में खाद नहीं होने से किसानों को भटकना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सहकारी समिति में खेती के समय में खाद उर्वरक नहीं मिल रहा है. जिसका फायदा उठाकर निजी खाद विक्रेता स्टॉक करके महंगे दामों में बेच रहे है. गरीब किसान महंगे दाम में लेने को मजबूर हैं. शासन अपने को किसान हितैषी बताती है, लेकिन अभी खेती किसानी के समय किसानों की मदद नहीं कर रही है.इधर किसान खाद कि किल्लत से परेशान हैं।

किसानों का दर्द, धान के लिए यूरिया की जरूरत, 600-650 रूपए में निजी दुकानों से खरीदने पर मजबुर – महिला किसान करूणा मंडल ने बताया कि सहकारी समिति से हमें खाद नहीं मिल पा रहा है महंगे रेट में निजी दुकानों से खरीदना पड़ रहा है सरकार किसानों पर ध्यान नहीं दे रही है हम किसानों के लिए खाद कि व्यवस्था करनी चाहिए।

किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर निजी दुकानदार कर रहे खाद कि कालाबाजारी

किसान सोपन मंडल ने बताया कि निजी दुकानदार हमारी मजबूरी का फायदा उठाकर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं हम किसान तो बहुत गरीब हैं हमें महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है अगर सरकार और प्रशासन समय पर खाद उपलब्ध करा देते तो हम किसानों के लिए अच्छा रहता। इस संबंध में जब क्षेत्र के सहकारी समिति प्रभारी लालजीत सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे यहां बहुत कम मात्रा में खाद उर्वरक आ रहा है जल्द ही 1 ट्रक खाद आने वाला है।किसानों की समस्या को देखते हुए पहले भी हमारे द्वारा खाद उर्वरक कि मांग की गई थी. एक सप्ताह पहले खाद सहकारी समिति में आया था. वह किसानों में बंट कर खत्म हो गया था किसानों की मांग एवं उन्हें हो रही समस्या को समझते हुए अधिकारियों को अवगत कराया है. लेकिन खाद नहीं आया है।

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