- ग्राम पंचायत के ग्रामीण अभी भी है ढोढी का पानी पीने को मजबूर
आफताब आलम/बलरामपुर : बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुुुरडीह के ग्रामीन आजादी के बाद से लेकर आज तलक मूल भूत सुविधा को तरस रहे है जहा सरकार के बैठे नुमाइंदे वीकास के बड़े बड़े दावे कर रहेे है वही कुरडीह ग्राम के ग्रामीण आज भी ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर हैं और ग्राम के सचिव सरपंच शासन के मूल भुत राशि से ग्राम पंचायत के मूल भूत सुविधा बहाल न कर कागजी खाना पूर्ति कर प्रति वर्ष लाखो रुपया डकार रहे है जिसकी सुध लेने की फुर्सत सम्बंधित जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नही है न ही जन प्रतिनिधियो का ध्यान भी इस ग्राम के ग्रामीणों के समस्या पर है |
वही ग्राम पंचायत के आश्रित गाँव मूर्का पाठ ,चंचलचुआ, पियार टोली,एवं जोड़ा डूमर,सहित अन्य ग्राम कुरडीह पंचायत पर आश्रित हैं मगर सरपंच सचिव एव शासन,प्रशासन सहित सांसद ,विधायक,आज तक इन आश्रित ग्राम पंचायत के लोगो का हाल चाल भी पूछने नही जाते है यहां के कोरवा ,नागेसिया एव अन्य समुदाय के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर है सड़क , बिजली , पानी ,शिक्षा ,जैसी सुविधा नही मिल पाने से ग्रामीण किसी तरह अपना जीवन जीने को मजबूर है यहां के ग्रामीण राशन लेने हेतु 20 किलोमीटर दूर कुरडीह दुर्गम रास्ते से जाकर अपना राशन उठाने मजबूर है जिसके चलते यहा के ग्रामीण दो माह में एक बार राशन लेने के लिए कुरडीह पैदल एव घोड़े की सवारी करते हुए जाते है इस ग्राम के सरपंच सचिव यहां के ग्रामीणों का जॉब कार्ड तक नहीं बनाए है जिससे लोग रोजगार गारंटी के काम मे मजदूर कर सके जिससे ग्रामीण आर्थिक रूप से भी काफी परेशानी है |
जिला प्रशासन इस ग्राम पंचायत के ग्रामीणों की समस्या को गम्भीरता से नही लेती है तो शासन की तमाम योजना ढाक के तीन पात होकर रह जायेगी ग्राम के सरपंच सचिव शासन के लाखों रुपया गरीबो के विकास के पैसे से मालामाल होते रहेंगे मूल भुत के नाम पर कागजी खाना पूर्ति कर प्रति वर्ष लाखो रुपया डकारते रहेंगे |

