संजय महिलांग/नवागढ़ : देश के सर्वाधिक उत्तम किस्म के धान में शामिल काला धान की खेती अब नवागढ़ में भी शुरू हो गई है । नवागढ़ : देश के सर्वाधिक उत्तम किस्म के धान में शामिल काला मोगरा धान की खेती अब नवागढ़ में भी शुरू हो गई है। इस धान को स्थानीय भाषा में काला मोगरा (करिया मोगरा) कहा जाता है। क्योंकि इस धान के खेत के आस पास मोगरा फूल की खुशबू व्याप्त हो जाती है। बताया जाता है कि इस धान से निकले चावल में विटामिन बी, ई के अलावा कैलशियम, मैग्नेशियम,आयरन तथा जिक आदि प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व मानव शरीर मे एंटी ऑक्सीडेंट का काम करते है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये चावल कैंसर एवं मधुमेह रोग में उपयोगी होने के अलावा इसके सेवन से रक्त शुद्धीकरण का कार्य भी होता है। साथ ही इस चावल के सेवन से चर्बी कम करने तथा पाचन शक्ति बढ़ने की बात कही गई है।
नवागढ़ के युवा किसान किशोर राजपूत ने जिले में बानगी
नवागढ़ में इस विशेष प्रजाति के धान की खेती कोई नहीं करता है लेकिन युवा किसान किशोर राजपूत ने इस वर्ष इस धान की खेती किया हैं। मोगरा खुशबू युक्त काले धान की उपयोगिता की जानकारी मिलने के बाद केरल से बीज खरीदा। मोगरा खुशबू युक्त काला धान की खेती के तरीकों की जानकारी लेने के बाद राजपूत ने अपनी 30 डिसिमल जमीन में बुआई कर दी हैं।
धान के पौधे की ऊंचाई साढ़े चार फीट
किशोर राजपूत ने बताया कि फसल काफी अच्छी होती है। 15 दिसंबर तक धान की कटाई का लक्ष्य रखा गया है। धान के पौधों की ऊंचाई करीब साढ़े चार फुट होने तथा पूरी खेती जैविक पद्धति से की जाती हैं।

