समैया पागे/बीजापुर : जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर की दूर स्थित भोपालपटनम से तेलंगाना को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम रामपुरम के पास हाईवे रोड के किनारे त्रिपाल से डेरा बनाकर बारिश के मौसम में बीस परिवारों ने वर्तमान में उनके परिवारों के साथ घर बना कर रहने के लिए स्थाई पट्टा वन विभाग से देने की अपील कर रहे हैं। उसी दौरान वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा बनाए हुए ढेरों को गिराने के कोशिश करने पर पीड़ित परिवारों के बीच व वन कर्मी के बीच हुआ विवाद शुरू । जानकारी मिलते ही भूतपूर्व जनपद सदस्य टी गोवर्धन एवं वर्तमान जनपद सदस्य सुनील गुरला भूत पूर्व जनपद सदस्य नीला बाई लम्बाड़ी कांग्रेस कमेटी सदस्य अफजल खान कांग्रेस समर्थक कुशाल खान गोल्लागुड़ा सरपंच रमेश पामभोई पहुंचे मौके पर । दोनों पक्षों के बीच की आपसी विवाद को किसी तरह शांत किया। तत्पश्चात मानव आयोग ब्लॉक अध्यक्ष पब्लिक डिपार्टमेंट भोपालपटनम से सुधाकर आईला पीड़ितों के मसलें पर उनसे हुई चर्चा में उन्होंने कहा ग्राम गोल्लागुड़ा तहसील भोपालपटनम के निवासी जाति चमार के अंतर्गत आते हैं जो कि पूर्व में हमारे परदादाओ से 2,3 डिसमिल जमीन में घर बना कर रहते थे। आज उनकी तीसरी पीढ़ी हुआ है। उन लोगों को रहने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है। जगह के अभाव में महिलाओं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहें हैं। बारिश के मौसम में दिन हो या रात सांप बिच्छू के भय में मौत को दांव में लगाकर दो किलोमीटर दूर जंगल में शौच करने जाना पड़ता हैं। पिछले 5 वर्षों से इस वन विभाग के जमीन को कब्जा कर संघर्ष कर रहें गरीब तबके के लोग मुख्यमंत्री राहत कोष शिविर में लिखित शिकायत तक कर चुके। वही पीड़ित लोग मंत्रालय तक गुहार लगाएं हैं। लेकिन जमीन के अस में बैठे बेबस लोगों के समस्या का समाधान करने की मुनासिब नहीं समझा। कब्जा कर रोकने के बाद से वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा पूर्व में बनाए हुए ढेरों को जबरदस्ती गिराया गया है। और राजस्व विभाग से निर्देश लेने को कहा पर राजस्व विभाग भी इस मसलें पर फैसला लेने में विफल रहा है। इधर जिला पंचायत सदस्य बसंतराव ताटी ने पीड़ितों के संदर्भ में दी प्रतिक्रिया में कहा पिछले वर्षों से गंभीर विषय का मुद्दा बना हुआ है। पीड़ितों का मसला कई दफे अखबारों के सुर्खियों बना रहा। पीड़ित लोगों के आपबीती को जिला प्रशासन से लेकर छत्तीसगढ़ शासन तक पहुंचाया लेकिन शासन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। इस समस्या को आगे बढ़ाकर समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए उन्होंने आश्वासन दिया है कि 15 जून को क्षेत्रीय विधायक विक्रम शाह मंडावी भोपालपटनम प्रवास पर आ रहे हैं पीड़ितों के साथ मिलकर इस विषय में चर्चा करेंगे उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे। अब देखना यह होगा कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा या फिर समस्या कागजों का पुलिंदा बनकर रहे जायेगा।
वन विभाग के जमीन पर बसे परिवारों के घरों को गिराने पहुंचें वन कर्मी तो हुआ दोनों पक्षों में हुआ विवाद

