- रोजगार सहायिका करती है मजदूरो से दुर्व्यवहार मजदूरी राशि मे कटौती से परेशान मजदूरो ने जिला पंचायत सी ई ओ को ज्ञापन सौंप मजदूरी की पूरी राशि दिलाने की मांग की
यामिनि चंद्राकर/छुरा : गरियाबंद जिले के छुरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत करचाली के मजदूरो ने गरियाबंद जिला पंचायत सी ई ओ को ज्ञापन सौपकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी में मजदूरो द्वारा किये गए कार्यो की मजदूरी राशि काटने की शिकायत करते हुए जिला पंचायत सी ई ओ से मजदूरो द्वारा किये गए कार्यो की जांच कर पूरी राशि दिलाने की मांग की है।दरअसल मजदूरो का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा पूरा कार्य कराकर आधा रोजी दिया जा रहा है ग्राम करचाली के मजदूरो ने बताया कि उनके द्वारा रोजगार गारंटी के तहत ग्राम पंचायत में नाला सफाई, तालाब निर्माण एवं भूमि सुधार का कार्य किया गया है मजदूरो का दावा है कि उन्होंने पूरा काम किया है और जाप कार्ड में भी रोजगार सहायक द्वारा हाजिरी चढ़ाया गया है लेकिन हमें हमारी मेहनत की राशि मे क्टोती कर दिया जा रहा है जो हम मजदूरो के साथ बेइंसाफी है ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम के रोजगार सहायक द्वारा मजदूरो के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है वही मजदूरो का कहना है कि जब हम रोजगार सहायक के पास रोजी कटने का जानकारी लेने पहुचे तो उन्होंने कहा कि हां तुम्हारी मजदूरी का पैसा काटकर मैं स्वंय रख रख रही हु ऐसा रोजगार सहायक बोलती है मजदूरो बे बताया कि उनके द्वारा ग्राम पंचायत के रोजगार गारंटी योजना में 10 से12 हफ्ता तक काम किया गया है शासन द्वारा रोजगार गारंटी योजना में मजदूरो को 190 रुपये के दर से भुगतान करना था लेकिन ग्राम के सैकड़ो मजदूरो को 140 रुपये की दर से भुगतान किया गया है जो कि शासन के निर्धारित मापदंड के अनुरूप है मजदूरो का कहना है प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में लाकडाउन लगाया गया था इस कोरोना काल मे शासन प्रशासन द्वारा मजदूरो को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार गारंटी का कार्य निरन्तर जारी रखा गया था उक्त लाकडाउन के अवधि में मजदूरो के द्वारा सेठ साहूकारों से उधार में सामान लिया गया था अब पैसा पटाने के समय मे मजदूरो को रोजगार गारंटी में किये गए कार्यो की राशि मे कटौती किये जाने से मजदूरो में आक्रोश है। इस सम्बंध में ग्राम पंचायत करचाली के रोजगार सहायिका राजेश्वरी निषाद से दूरभाष पर चर्चा करने पर उन्होंने बताया मजदूरो द्वारा उनके ऊपर लगाए गए दुर्व्यवहार का आरोप बेबुनियाद है मजदूरो द्वारा जितना कार्य किया गया है और कार्यस्थल पर मेट द्वारा जो मस्टररोल दिया गया है उसके आधार पर उनके खाते में मजदूरी आया है नाला की साफ सफाई के साथ उसमें मिट्टी का भी काम था लेकिन मजदूरो द्वारा सिर्फ नाला की साफ सफाई ही कि गई मिट्टी कार्य नही किया गया इसलिए तकनीकी सहायक के कहने पर उनके मूल्यांकन के आधार पर मजदूरी राशि मे कटौती हुई है।

