अक्कू रिजवी/कांकेर : आला हज़रत के खानदान से हुज़ूर अमीने शरीअत अल्लामा सिब्तैन रज़ा साहब के नवासे हज़रत मौलाना हम्माद मियां बरेलवी ने कहा कि काज़ी ए हिंदुस्तान हुज़ूर ताजुशरिया हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रज़ा खान साहब हिंदुस्तान के अपने वक्त के सबसे बड़े मुफ्ती और आलिम ए दीन गुज़रे हैं आपने अपनी पूरी जिंदगी दीने इस्लाम की फ्लाह और कामयाबी के लिए वक़्फ कर दी थी हुज़ूर ताजुशरिया ने जो भी फतवा दिया हमेशा शरीअत की रोशनी में दिया जब हिंदुस्तान और दुनिया भर में नबी के दुश्मन ( जो अल्लाह के रसूल सरकारे मदीना को अपनी तरह बशर कहने की नापाक बोलियां बोलते हैं या सरकार के इल्म ए गेब के मुन्किर है ) तरह-तरह की गुस्ताखियां करते नज़र आ रहे थे उस वक्त हज़रत ताजुशरिया ने अपने कलम से उनको मुंहतोड़ जवाब दिया और उनके ताबूत में कील ठोक डाली फरमाया कि जो लोग अल्लाह के प्यारे रसूल सरकारे मदीना के दुश्मनों से तालमेल रखते हैं या उनसे दोस्तीयां बढ़ाते हैं ऐसे लोगों से अहले सुन्नत वल जमात सुन्नी बरेलवी लोगों को हमेशा दूर रहने की हिदायत की और कहा कि ” सुलहकुलली नबी का नहीं सुन्नियों , सुन्नी मुस्लिम है सच्चा नबी के लिए ” हज़रत हम्माद मियां बरेलवी ने यह भी कहा कि जब हम लोग अपने मां बाप को गाली देने वाले या उनको बुरा भला कहने वालों से दूरियां बनाते हैं तो जिस अल्लाह के प्यारे रसूल पर हमारे मां-बाप भी कुर्बान हो जाएं तो उनको बुरा भला कहने वाले नबी के दुश्मनों से कैसे तालमेल रखते हैं या उनमें अपनी रिश्तेदारीयां करने के बारे में सोच लेते हैं जबकि ऐसे लोगों को कुरान मुसलमान तक ना कहता है क्योंकि मुसलमान वही होता है जो कुराने पाक का पैगाम माने और उस पर अमल करें नबी का गुस्ताख, दुश्मन हरगिस मुसलमान नहीं हो सकता ! मौलवी अबरार रज़ा सिब्तैनी साहब ने जानकारी दी कि 17 जून को हुज़ूर ताजुशरिया का तीसरा उर्स मरकज़ ए अहले सुन्नत बरेली शरीफ में होने जा रहा है आप लोग अपने अपने इलाकों में रहकर हज़रत की बारगाह में ज़्यादा से ज़्यादा इसाले सवाब पेश करें और उम्मत के लिए दुआएं खैर करें..!!
ताजुश्शरिया के कलम ने घायल कर दिया है नबी के दुश्मनों को : हम्माद रज़ा बरेलवी

