कमलेश रजक/मुंडा: बलौदा बाजार वन मंडल के अंतर्गत लवन वन परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्र अधिकारी नंद कुमार सिन्हा का भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। इस बार उन्होंने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए वन परिक्षेत्र लवण के अर्जुनी बीट में विभाग द्वारा बनाई गई नर्सरी में हुए नर्सरी के विभिन्न कार्यों में अपने रिश्तेदारों को ही मजदूर बना डाला। जो कि धमतरी निवासी बताए जाते हैं और बलौदा बाजार जिले के भी नहीं है उसका नाम चढ़ाकर उसके खाते में मजदूरी की राशि आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान की गई। यही नहीं, वन परिक्षेत्र अधिकारी नंद कुमार सिन्हा के परिवार और रिश्तेदारों के कई लोगों ने भी वन विभाग मजदूरी की है। पूरे छत्तीसगढ़ में शायद यह पहला मामला है जब एक रेंजर के रिश्तेदार और परिवार जन वन विभाग में मजदूरी करते हुए कागजों पर प्रमाणित पाए गए हैं। यह कार्य अर्जुनी स्थित नर्सरी में करवाया गया है नर्सरी का सबसे बड़ा घोटाला यह है कि यहां मनरेगा एवं कैंपा मद से कार्यों की स्वीकृति की गई है मनरेगा के माध्यम से स्थानीय मजदूरों को भुगतान किया जाता है एवं मनरेगा द्वारा करवाए गए कार्यों की प्रगति दिखाकर कैंपा मद के पैसों की अफरा-तफरी कर अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है मजे की बात यह है कि जिन लोगों के खाते में राशि अंतरित की गई है उनमें से कई मजदूर बलौदा बाजार जिले के है ही नहीं बल्कि बलौदा बाजार से 200 किलोमीटर दूर धमतरी जैसे शहरों के आसपास के उन लोगों के नाम हैं जिन्होंने कभी बलोदा बाजार देखा तक नहीं है लेकिन वह भ्रष्ट रेंजर नंद कुमार सिन्हा के रिश्तेदार और करीबी जरूर हैं। सर्वव्यापी जनसंवाद इस भ्रष्ट रेंजर के विरुद्ध पहले पहले भी भ्रष्टाचार के कारनामे प्रकाशित कर चुका है। किंतु रेंजर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। और लगातार भ्रष्टाचार को अंजाम देकर वन मंत्री एवं मुख्यमंत्री की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहा है। आरटीजीएस की गई इस कॉपी में नीता सिन्हा नाम की मजदूर रेंजर नंद कुमार सिन्हा की रिश्तेदार है।
खेलावन सिंह सिन्हा भी उसका रिश्तेदार है। जिसके नाम पर वन विभाग द्वारा उसके खाते में राशि अंतरित की गई है। 1,43,874 रुपए की राशि रिश्तेदारों के नाम पंजाब नेशनल बैंक के खाते क्रमांक 15 09 21 9102 53 91 एवं 15 0 92 19 10 24 19 6 में डाल कर रेंजर नंद कुमार सिन्हा ने भ्रष्टाचार को अंजाम देते हुए तकरीबन डेढ़ लाख की राशि डकार ली। यह तो सिर्फ एक मामला है। पूरे वन परिक्षेत्र में ऐसे कई मामले हैं। जिसमें रेंजर ने लाखों रुपए का गबन और भ्रष्टाचार किया है। संपूर्ण मामले की जांच करने की आवश्यकता है। ज्ञात हो कि कुछ दिनों पूर्व वन परीक्षेत्र लवन के ग्रामीण काम ना मिलने एवं किए गए कार्य का मजदूरी भुगतान न मिलने की शिकायत को लेकर संसदीय सचिव शकुंतला साहू के पास शिकायत करने पहुंचे थे। जिस पर संज्ञान लेते हुए शकुंतला साहू ने भ्रष्ट रेंजर नंदकुमार का स्थानांतरण करने के लिए वन मंत्री को लिखा था मजदूरों के द्वारा काम किया गया था उनका नाम भुगतान हेतु भेजा था। किंतु भ्रष्ट रंजन नंद कुमार द्वारा उन मजदूरों के नाम में सफेदा लगाकर अपने रिश्तेदारों का नाम डालकर उनके खाते में मजदूरी की राशि स्थानांतरित कर दी। जिसके कारण जिन मजदूरों ने काम किया वह आज भी पैसे के लिए भटक रहे हैं। उन मजदूरों द्वारा मजदूरी मांगने जाने पर रेंजर नंद कुमार सिन्हा द्वारा गाली गलौज किया जाता है और गांव से निकलवा देने की धमकी दी जाती है। जिन मजदूरों ने अपना खून पसीना बहाया वह अपनी मजदूरी पाने के लिए चप्पलें घिस रहे हैं और रेंजर का परिवार भ्रष्टाचार की मलाई खा रहा है।
बलौदा बाजार वन मंडल में भ्रष्टाचार का अनूठा मामला, रेंजर ने रिश्तेदारों को मजदूर बताकर, डेढ़ लाख रुपए डाले उनके खाते में

