- खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति वही ठेकेदार व विभाग के बीच साठगांठ का भी है अंदेशा
यामिनि चंद्राकर/छुरा : गरियाबंद जिले में खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगा है जिले में चल रहे सैकड़ो निर्माण कार्य बिना रॉयल्टी पटाये बेधड़क होकर जिले में खनिज संपदा को लूट रहे है और विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानकर भी अंजान होने का नाटक कर रही है गरियाबंद जिले के लगभग सभी ब्लाकों जलसंसाधन विभाग,प्रधानमंत्री सड़क योजना,लोकनिर्माण विभाग,वन विभाग, पंचायत विभाग में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य जारी है जिसके निर्माण के लिए कुछ ठेकेदारों ने विभाग से परमिशन लिया है वही सैकड़ो ठेकेदारों के द्वारा अपने निर्माण कार्य चोरी के मिट्टी मुरुम रेत से बेख़ौफ होकर करा रहे है जिसके कारण शासन को मिलने वाली रॉयल्टी नही मिलने से शासन को भारी नुकसान हो रहा है।गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड के उरमारल के तेल नदी से दिन दहाड़े रेत की चोरी बदस्तूर जारी है दिन भर में सैकड़ो ट्रैक्टर रेत भरकर निकल रही है जिसे कोई रोकने वाला नही है रेत खनन के लिए बकायदा पंचायत द्वारा ट्रैक्टरों को परिवहन करने कागज सील लगाकर जारी किया जा रहा है उस कागज में बकायदा सचिव का सील व दस्तखत भी लगा हुआ है जो पूर्णतः गलत व अवैध है शासन के नियम के अनुसार रेत व मुरुम की खुदाई का परमिशन सिर्फ खनिज विभाग के पास है इस सम्बंध में सम्बंधित सचिव से दूरभाष पर जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि रेत उत्खनन करने के लिए मैनपुर सी ई ओ नर्सिंग ध्रुव द्वारा मौखिक आदेश दिया गया है इसी कारण रेत परिवहन करने कागज पर सचिव द्वारा सील लगाकर देना बताया गया। उल्लेखनीय है कि उरमाल के तेल नदी की जगह से रेत निकाला जा रहा है वहा पर सरकार द्वारा करोड़ो रूपये खर्च कर छत्तीसगढ़ से ओडिसा सीमा को जोड़ने के लिए करोड़ो रुपयों से उच्चस्तरीय पुल का निर्माण हो रहा है जिसपर ठेकेदार द्वारा निर्माण स्थल पर नोटिस बोर्ड लगाया गया है जिसमें स्पस्ट रूप से बन रहे पुल से 150 मीटर की परिधि से रेत का खनन करने पर रोक लगाई गई है लेकिन रेत तस्करों पर इस नोटिस का भी कोई असर नही हो रहा है ठेकेदार के कर्मचारियों का कहना है मुरुम खनन करने वालो को कई बार रेत निकालने के लिए मना किया गया है लेकिन तस्करो पर कोई असर नही हो रहा है तस्कर सुबह 04 बजे से देर रात तक रेत की तस्करी कर रहे है।उल्लेखनीय है कि जिले में मुरुम व रेत तस्करी पर नकैल कसने के लिए खनिज विभाग द्वारा समय समय पर खानापूर्ति की जाती है बाकी समय खनिज तस्कर अपना काम धड़ल्ले से कर रहे है जिले के खनिज अधिकारियों को जब पत्रकार सूचना देने व जानकारी लेने के लिए फोन लगाओ तो पूरा घन्टी जाने के बाद भी काल रिसीव नही करते और न ही काल बैक करते है।

