अक्कू रिजवी/कांकेर : कांकेर शहर में व्यापारी वर्ग द्वारा लगातार कलेक्टर महोदय से लॉकडाउन में छूट और राहत देने की मांग की जा रही थी , जिस पर बड़ी मुश्किल से कलेक्टर साहब राजी हुए और 23 मई की शाम को उन्होंने होटल और सैलून को छोड़कर सभी प्रकार की दुकानों को सुबह 8:00 से 1:00 बजे तक खुला रखने की छूट प्रदान कर दी । जिससे सभी को बहुत खुशी हुई थी लेकिन आज सुबह दुकानों के खुलने के बाद भीड़ का जो माहौल दिखा, उससे जागरूक नागरिक एक बार फिर परेशान हो गए हैं कि इस तरह से यदि सोशल डिस्टेंस की ऐसी तैसी होती रही तो आश्चर्य नहीं कि दोबारा कोविड-19 मामले बढ़ जाएं और सरकार को पुनःसख्त लॉकडाउन लगाना पड़े। सवेरे दुकानें खुलते ही हर दुकान में भीड़ दिखाई देने लगी । दुकानदारों के लिए भी मुश्किल हो गई कि वे सामान तोलें या ग्राहकों को सोशल डिस्टेंसिंग सिखाएं ? इसके विपरीत ग्राहकों के मन में यह बात जड़ जमा चुकी है कि लाॅक डाउन कहीं भी ,कभी भी सरकार द्वारा लगाया जा सकता है और उसमें छूट देना या ना देना कलेक्टर की मर्जी होती है। लोगों को डर है कि कहीँ कल ही छूट रद्द ना हो जाए, इसी भय से लोगों ने दुकान दुकान में’ भीड़ लगा दी । सब्ज़ी मार्केट में मोटरसाइकिल वालों के कारण बार-बार रास्ता जाम होता रहा और लोग परेशान होते रहे। कोई भी आदमी बाद में आने को तैयार नहीं होता था और महीने भर का राशन एक ही बार में ले जाने की कसम खाकर आया था। इस प्रकार पहले ही दिन शासन/ प्रशासन द्वारा दी गई छूट का दुरुपयोग हुआ । कोविड-19 गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ और भीड़ हो जाने से हर जगह
दुकानदार , ग्राहक ,यातायात पुलिस सभी परेशान हुए।
कांकेर में छूट मिलते ही सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ीं फिर से संक्रमण बढ़ने का खतरा

