- जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने की पहल दर्रीपारा के पीड़ित कमार परिवार को मिला सर छुपाने के लिए जगह के साथ जिला प्रशासन से सहायता राशि
यामिनि चंद्राकर/छुरा : गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रीपारा के एक कमार परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया था घर मे आग लगने के कारण कमार परिवार बेघर होकर गांव में ही एक पेड़ के नीचे अपने परिवार के साथ जीवन बसर करने पर मजबूर था जिसकी सुध लेने वाला कोई नही था स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने सब जानकर भी आंख मूंद ली थी लेकिन कहते है ऊपर वाले के घर देर है पर अंधेर नही है और हुआ भी वही पीड़ित कमार परिवार का दुख बाटने युवा कांग्रेस के पदाधिकारी पहुचकर पीड़ित परिवार को कुछ राशन दिया लेकिन इस मदद से कुछ समय के लिए कमार परिवार को मदद तो मिल गया लेकिन पीड़ित कमार परिवार की सबसे बड़ी समस्या मकान की समस्या का हल नही हुआ था और इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल किया।जिसकी जानकारी क्षेत्र के मीडिया को लगते ही इस मामले ने तूल पकड़ा और अखबारों और न्यूज चैनल पर पीड़ित कमार परिवार की बेबसी को प्रमुखता से दिखाया जिसकी जानकारी लगते ही गरियाबंद जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ग्राम दर्रीपारा पहुचकर पीड़ित कमार परिवार की सुध ली श्री नेताम ने पीड़ित परिवार की तकलीफों को देखते हुए तत्काल उनके रहने की व्यवस्था कर उन्हें राशन भी प्रदान करते हुए विशेष कमार जनजाति की मदद के लिए जिले के कमार परियोजना अधिकारी से बात करते हुए यथासम्भव मदद करने की गुजारिश की जिला उपाध्यक्ष ने इस मामले को जिले के कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर को भी अवगत कराया।मामले को गम्भीरता से लेते हुए जिला के युवा कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने आगजनी पीड़ित कमार परिवार को 14,800 चौदह हजार आठ सौ रुपये की सहायता राशि जारी की। उल्लेखनीय है की भरी लाकडाउन मे कमार परिवार का सर से साया छीन गया था पीड़ित परिवार गांव में एक पेड़ के नीचे गुज़र बसर कर रहे थे लेकिन जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए पीड़ित परिवार के सहायता के लिये हाथ बढ़ाया और आखिर में बेघर कमार परिवार को सर छुपाने के लिए साया मिल ही गया।

