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वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे गिरधर गुप्ता

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  • पूर्व प्रदेश महामंत्री ने गिनाई सरकार की 10 नाकामियां

विकास अग्रवाल/खरसिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री व कोरबा प्रभारी गिरधर गुप्ता ने प्रदेश सरकार की गिनाई 10 नाकामियां और सरकार पर जमकर बरसे। 1. कांग्रेस का हमेशा से दोहरा चरित्र रहा है। जब प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिये कार्य कर रहे हैं, तो कांग्रेस हमेशा देश के स्वाभिमान को कमजोर करने का कार्य कर रही है। जब देश में संसद का निर्माण राष्ट्र के गौरव का कार्य है। इस दिशा में मजबूत संकल्प लिया गया है। इस पर भी कांग्रेस राजनिति से नही चुकना चाहती है। कांग्रेस को बताना चाहिये एक तरफ तो संसद निर्माण का विरोध कर रही है तो दूसरे तरफ प्रदेश में विधानसभा भवन का निर्माण किस लिये करवा रही है। 2. जब पूरा देश एकजुटता से कोरोना को परास्त करने में जुटा है तब कांग्रेस केवल इन मुद्दों पर गैर वाजिब सवाल उठाकर देश का ध्यान भटकाना चाहती है। वैश्विक स्तर पर कोरोना से लड़ने हम जितने सफल हो रहे है । दुनियां के अन्य देश के लिये एक सशक्त उदाहरण है। 3. कोरोना से लड़ने के लिये टीका इस समय पर महात्वपूर्ण अस्त्र है ,लेकिन इस पर कांग्रेस की प्राथमिकता में टीकाकरण नहीं बल्कि उस पर टिप्पणी करना जरूरी है। प्रदेश में समय रहते टीकाकरण प्रांरभ कर दिया जाता तो जो परेशानियां वर्तमान में हो रही है। वह नही होती है और प्रदेश में जनमानस की सुरक्षा में अहम कदम होता। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस की सरकार को इसकी जरा भी चिंता कभी नही रही है। उल्टा वैक्सीन का कार्य अटकाया गया। 4. इस महामारी काल में अंत्योदय की चिंता ही हमेशा हमारा लक्ष्य रहा है और रहेगा। कोरोना के विस्तार के बाद से ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा सबकी चिंता की है। सबको अन्न योजना चला रहे हैं। अंत्योदय की चिंता करते हुए देश की 80 करोड़ जनता को इस काल में राशन सुलभ करवा रहे है। 5. प्रदेश सरकार माननीय उच्च न्यायालय का आदेश का अनुपालन भी ठीक तरह से नही कर रही है । सर्व हित और सर्व समाज के लिये टीकाकरण नीति बनायी जाये लेकिन प्रेदश की सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिये केवल दिखाये मात्र के लिए जुटी है। उसे कभी प्रदेश के जनता की चिंता नही रही हैं। जरा भी चिंता होती तो टीकाकरण के लिये आवश्यक कार्रवाई जरूर करती। 6. शहरों के गांव के स्तर पर कोरोना की भयावह तस्वीर देखने को मिल रही है। उपचार के अभाव में लगातार लोगों की मौते हो रही है। प्रदेश की सरकार को जरा भी इसकी चिंता नही है। समय रहते उपाचार नही मिलने की स्थिति में चिंताजनक स्थिति बन रही है। इसकी चिंता करने की जरूरत है। लेकिन प्रदेश की सरकार में आपसी संवाद की बजाय विवाद अधिक है। गांवों और कस्बों के स्तर पर कोई सुविधा नही है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को चुकाना पड़ रहा है। 7. प्रदेश में कोरोना की जांच के नाम पर केवल औपचारिकता ही हो रही है। कोरोना की जांच सही समय पर नही व सही समय पर रिर्पोट नही मिलने पर कोरोना के विस्तार का अंदेशा बना रहता है। जिसकी जरा भी चिंता नही है। कोरोना का वास्तविक स्थिति पर पर्दा डाला जा रहा है। मौत के आंकड़े भी छिपाये जा रहे हैं। 8. जब प्रदेश मे मजबूत विपक्ष सरकार से संवाद करना चाहता है तो प्रदेश की सरकार इससे बचना चाहती है। हम प्रदेश की जनता के हितों को ध्यान में रखकर सुझाव देना चाहते है। लेकिन प्रदेश की सरकार वर्चुअल बैठक करने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। 9. प्रदेश सरकार की प्राथमिकता ऑनलाईन शराब बेचना अधिक है। जबकि कांग्रेस द्वारा चुनाव पूर्व घोषणा पत्र में पूर्ण शराब बंदी का वायदा किया गया था और इस हेतु पवित्र गंगाजल की कसम भी खाई थीं। सरकार को जनता की जरा भी चिंता होती तो शराब की बजाय दवा सुलभ कराने के दिशा में कार्य करती। पूरे प्रदेश में इस कोरोना काल के बाद भी अवैध तरीके से शराब बिक रही है। जिस पर अंकुश लगाने के बजाये उसे प्रोत्साहित करने प्रदेश की सरकार जुटी है। नशे के कारोबारियों का यह एक प्रमुख केन्द्र बन गया है। इन सब पर इस गैरजिम्मेदाराना सरकार को कोई चिंता नही है। 10. प्रदेश में कोरोना काल में कई अधिकारियों व कर्मचारियों की मृत्यु कोरोना सेवा कार्य के दौरान हुई है । इन सारे लोगों के परिजनों को तत्काल सारे नियमों को शिथिल करते हुए अनुकंपा नियुक्ती दी जानी चाहिये तथा ऐसे सेवारत ब्यक्तियों का बीमा भी करवाना चाहिये। जिसकी हम मांग करते हैं।

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