महेन्द सिंह/पांडूका/राजिम/रायपुर : इस वर्ष प्रकृति के अलग अलग नजारे लोगों में कौतूहल और चिंता पैदा कर रहे हैं। मई की तपती दोपहर और लू का दूर दूर पता नही है। विगत १० दिनों से लगातार साइक्लोन के साथ तूफानी बारिश हो रही है । ११ मई की बारिश ने धान और सब्जी बाड़ी को बेहद नुकसान पहुंचाया है और पूरे छत्तीसगढ़ में प्रकृति का यह हाहाकारी रूप देखने को मिला, सरकार एवं राजस्व विभाग की टीम मुआयना के लिए गांव गांव घूम रही है की १३ मई दोपहर को २ बजे , ४५ मिनट लगभग ऐसी साइक्लोन अंधड़ के साथ तेज बारिश आई की चारो तरफ पानी पानी नजर आने लगा और पानी गिरते गिरते तेज धूप निकल आई जो की विचित्र है और बीमारी का आमंत्रण है, गर्मी उमस और रात की ठंडक यह बेहद असंतुलन भरे वातावरण की निशानी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पांडुका के डाक्टर कीर्तन साहू ने बताया कि अभी के मौसम के हिसाब से बहुत संभल कर दिनचर्या बनाएं, शारीरिक व्यायाम एवं हल्के भोजन के साथ विटामिन सी युक्त फलों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। कोरोना महामारी के दौर में अतरिक्त सावधानी की जरूरत है। वहीं सड़कड़ा के किसान भुनेश्वर निषाद, कुरूद के किसान भोला देवांगन ने कहा कि धान की फसल चौपट हो गई है और लगातार बारिश आंधी तूफान ने सब कुछ और ज्यादा तहस नहस कर दिया ।
प्रकृति का अजीब नजारा – साइक्लोन के साथ हो रही तेज बारिश

