- कोविड-19 के गाइडलाइन का उल्लंघन
प्रकाश नाग/केशकाल/विश्रामपुरी : इन दिनों जियो केबल नेटवर्क के द्वारा कई जगह पर केबल नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है। जहां शासकीय की नियमों तथा कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जियो केबल का फाइबर नेटवर्क केबल बिछाने के लिए के कार्य में शासकीय नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है वहीं कोविड-19 के गाइडलाइन का भी उल्लंघन किया जा रहा है। जिओ केबल नेटवर्क बिछाने मे लगे ड्रिल मशीन को देखने गांव में भीड़ इकट्ठी हो रही है। यहां दूसरे प्रांत एवं अन्य जिले से जियो के कर्मचारी आए हैं तथा उनका न ही कोविड टेस्ट हुआ है न ही वे मास्क लगाकर नियम से काम कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में वहां छोटे-छोटे बच्चों के इकट्ठा होने से संक्रमण का खतरा दिख रहा हैः विश्रामपुरी से बालेंगा के बीच चल रहे जियो का फाइबर ऑप्टिकल केबल का कार्य नियम विरुद्ध चल रहा है। इस कार्य में जहां सड़क के किनारे बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर छोड़े जा रहे हैं जिससे आने जाने वाले लोगों को खतरा बना हुआ है।
पूर्व में भी जियो आप्टिकल कंपनी के द्वारा ग्राम कोरगांव में लोक निर्माण विभाग के सड़क के पटरी पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए थे जिसमें ग्राम पारोंड के मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त हो गए तत्पश्चात विश्रामपुरी थाना में मामला दर्ज किया गया है। इस समय भी ऐसा ही विश्रामपुरी लिहागांव बालेंगा के बीच चल रहे कार्य में दिखाई दे रहा है जहां प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क के पटरी पर शासकीय नियमों का उल्लंघन करते हुए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। ऑप्टिकल वालों के द्वारा लगातार इस तरह की लापरवाही की शिकायतें मिल रही है। नेशनल हाईवे पर बहीगांव के समीप ऐसे ही लापरवाही बरती गई थी जहां ग्रामीणों के विरोध तथा मीडिया में समाचार आने के बाद गड्ढों को समतल किया गया था। गड्ढे खोदकर छोड़ देने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है किंतु इस पर संबंधित विभाग गंभीर नहीं दिखाई देता।
थाना प्रभारी विश्रामपुरी रविशंकर ध्रुव ने बताया कि कोरगांव में केवल ऑप्टिकल बिछाने के लिए गड्ढा खोदा गया था जहां दो मोटरसाइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इसमें सप्ताह भर पहले ही मामला दर्ज हुआ है।
प्रधानमंत्री सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता व्ही पसीने ने बताया कि कहा कि विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है।सड़क की पटरी पर गड्ढा खोदा जाना नियम विरुद्ध है। विश्रामपुरी से बालेंगा के बीच हो रहे काम की उनको जानकारी नहीं है।

